
नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) ने पांच सितंबर को इंडिया गेट (India Gate) से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की है। पार्टी की ओर से प्रस्तावित (Proposed) इस मार्च में छात्रों (Students) पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और आत्महत्या (Suicide) करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग प्रमुख रहेगी। दीपके ने कहा कि दोनों मांगों को लेकर सरकार से लगातार आग्रह किया जा रहा है।
जेन-जी से जुड़े एक कार्यक्रम में अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरव दास भी मौजूद थे। इस दौरान मार्च के उद्देश्य और आगे की रणनीति को लेकर सवाल किए गए। दीपके ने कहा कि आंदोलन करना उनकी प्राथमिकता नहीं है, लेकिन करीब एक महीने से मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है।
दीपके के अनुसार, जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिवार आर्थिक दबाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने मुआवजे की राशि एक करोड़ रुपये रखने की मांग करते हुए कहा कि इन परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि कई परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग के लिए कर्ज लिया था, इसलिए किसी सदस्य की मौत के बाद उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने आकांक्षा चतुर्वेदी के परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके पिता ने बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया था। दीपके के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर थी और बेटी की शिक्षा को भविष्य के सहारे के रूप में देखा जा रहा था। ऐसे परिवारों के लिए मुआवजे की मांग को उन्होंने जरूरी बताया।
पार्टी की दूसरी प्रमुख मांग छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की है। दीपके का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल छात्र शिक्षा से जुड़े अधिकारों और मांगों को लेकर सामने आए थे। उनके अनुसार, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाना चाहिए।
पांच सितंबर के कार्यक्रम को पार्टी ने इंडिया गेट 1.0 नाम दिया है। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण मार्च बताया है और कहा है कि इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है।
कार्यक्रम के दौरान जयपुर में हुई हिंसक घटना का भी जिक्र हुआ। आशुतोष रांका से पूछा गया कि भविष्य के कार्यक्रमों में ऐसी घटना दोबारा होने की आशंका को लेकर उन्हें चिंता है या नहीं। रांका ने कहा कि वे जयपुर की घटना के बाद भी अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों के बीच गए और अपने कार्यक्रम जारी रखे।
रांका ने कहा कि पार्टी चुनाव में वोट मांगने के बजाय शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठा रही है। उन्होंने राजस्थान के स्कूलों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों के लिए बेहतर स्कूल व्यवस्था जरूरी है। उनका आरोप था कि राज्य में कुछ स्थानों पर स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है और बुनियादी सुविधाओं के बिना शिक्षा व्यवस्था चल रही है।
हिंसा की आशंका को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके ने कहा कि वह और आशुतोष पहले ऐसी घटनाओं में चोटिल हो चुके हैं और अब सौरव दास की बारी आने की बात उन्होंने कही। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने आंदोलन के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों का उल्लेख किया।
सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट की 18 अगस्त की सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने एफआईआर से जुड़े मामलों में रास्ता खुला रखा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट की असाधारण शक्ति का भी उल्लेख किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए जाने के कारण पांच सितंबर का मार्च आयोजित किया जा रहा है।
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