
नई दिल्ली ।बांग्लादेश (Bangladesh) अपनी वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए चीन निर्मित J-10CE मल्टीरोल फाइटर जेट (J-10CE Multirole Fighter Jet) खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की योजना में लड़ाकू विमानों के साथ अटैक हेलीकॉप्टर (Attack Helicopter), वीआईपी हेलीकॉप्टर और मानवरहित हवाई (Unmanned Aerial) वाहन यानी यूएवी प्रणालियां (UAV Systems) शामिल हैं। प्रस्तावित खरीद को बांग्लादेश की व्यापक रक्षा आधुनिकीकरण योजना (Defence Modernization Plan) का हिस्सा माना जा रहा है।
ढाका में सरकारी स्तर पर हुई चर्चाओं के बाद J-10CE और अटैक हेलीकॉप्टरों से संबंधित सौदे का मसौदा तैयार किया जा चुका है। इन प्रस्तावों को सशस्त्र बल प्रभाग और संबंधित मंत्रालयों की मंजूरी के लिए भेजा गया है। सरकार के सामने मुख्य सवाल बजट और खरीद की समयसीमा का है। पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने पर प्रक्रिया मौजूदा वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ सकती है, अन्यथा इसे अगले बजट में शामिल किया जा सकता है।
बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार जाहेद उर रहमान ने लड़ाकू विमान खरीद को लेकर J-10CE की क्षमताओं का उल्लेख किया। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 2025 में हुए सैन्य संघर्ष का संदर्भ देते हुए चीनी J-10 के प्रदर्शन को खरीद के पक्ष में महत्वपूर्ण बिंदु बताया। हालांकि, इस दावे को लेकर तथ्यात्मक स्थिति अलग है और किसी राफेल विमान को J-10CE द्वारा मार गिराए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
भारत और फ्रांस की ओर से भी राफेल विमान के नुकसान संबंधी दावों का खंडन किया गया था। इसलिए बांग्लादेश द्वारा J-10CE की युद्ध क्षमता के उदाहरण के रूप में इस घटना का उल्लेख किए जाने को सावधानी से देखा जाना जरूरी है। इसके बावजूद ढाका की मौजूदा खरीद प्रक्रिया यह संकेत देती है कि वह चीनी रक्षा उपकरणों को अपनी सैन्य जरूरतों के लिए गंभीर विकल्प के रूप में देख रहा है।
कीमत भी इस फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बांग्लादेशी पक्ष का तर्क है कि चीनी लड़ाकू विमानों की लागत पश्चिमी देशों के आधुनिक लड़ाकू विमानों की तुलना में कम हो सकती है। राफेल और यूरोफाइटर टाइफून जैसे यूरोपीय विकल्पों के मुकाबले अपेक्षाकृत कम खर्च में वायु क्षमता मजबूत करने की संभावना ढाका के लिए आकर्षक हो सकती है।
J-10CE की खरीद केवल एक विमान सौदे तक सीमित नहीं है। अटैक हेलीकॉप्टरों और ड्रोन प्रणालियों को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। इससे बांग्लादेश की प्राथमिकताओं में निगरानी, हवाई हमला, बहु-भूमिका अभियानों और आधुनिक युद्ध प्रणालियों को महत्व दिए जाने का संकेत मिलता है।
इस योजना का एक राजनीतिक और रणनीतिक पहलू भी है। बांग्लादेश सरकार के प्रतिनिधियों ने अगस्त 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद देश की विदेश और रक्षा नीति में अधिक स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता का उल्लेख किया है। J-10CE पर बातचीत को इसी व्यापक नीति बदलाव के उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है।
हालांकि, अंतिम सौदा तभी आगे बढ़ेगा जब संबंधित समितियों और मंत्रालयों से आवश्यक मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद वित्तीय प्रावधान, विमानों की संख्या, प्रशिक्षण, हथियार प्रणाली, रखरखाव और आपूर्ति से जुड़े पहलुओं पर भी निर्णय जरूरी होगा। फिलहाल बांग्लादेश की दिशा स्पष्ट है कि वह अपनी वायुसेना के आधुनिकीकरण के लिए चीन के विकल्प को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved