
नई दिल्ली । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का शुभारंभ किया (Launched ‘Delhi Lakshmi Yojana’) । उन्होंने हजारों महिलाओं को स्वीकृति पत्र वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा, “मैं यही चाहती हूं कि मेरी सारी बहनें खुश रहनी चाहिए, उनके चेहरे पर ये मुस्कुराहट बनी रहनी चाहिए। मेरी बहनें जिंदगी में हमेशा आगे बढ़ें, क्योंकि मैं हूं ना।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे कहा, “दिल्ली लक्ष्मी योजना आज दिल्ली भर में मेरी सभी बहनों के घर-घर तक पहुंची है, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आप सभी का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं और आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि अगर हम देश को आगे ले जाना चाहते हैं, तो हमें अपनी महिलाओं और बहनों को सशक्त बनाना होगा। जब तक घर की महिला तरक्की नहीं करती, खुशहाल नहीं होती और उसकी चुनौतियां हल नहीं होतीं, तब तक देश की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।”
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “पहले दिन ही हमारी ओर से कह दिया गया था कि दिल्ली की बहनों को 2,500 रुपए देना हमारा संकल्प है, तो आज ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ वास्तविक रूप से जनता तक पहुंचाने वाले इस दिन पर मैं दिल्ली की बहनों को खुश देखकर बहुत खुश हूं।” सीएम ने आगे कहा, “1 अगस्त को हमने इस योजना को शुरू किया और सिर्फ 1 महीने के अंदर 9.5 लाख के करीब बहनों ने इसके अंतर्गत रजिस्ट्रेशन किया और आज इस कार्यक्रम के माध्यम से 2,500 की योजना की पहली ढाई हजार लाभार्थियों को हमने अप्रूवल लेटर भेज दिया है और 1 सितंबर को उनके खातों में अगस्त महीने का पैसा पहुंच जाएगा। ऐसा नहीं है कि किसी तय तारीख को इस योजना का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा। यह लगातार चलने वाली योजना है।”
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, यह एक ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री का वादा और मुख्यमंत्री का हमारी बहनों के लिए लिया गया संकल्प राखी के शुभ अवसर पर पूरा हो रहा है। दिल्ली के लोगों और देश भर की महिलाओं ने देखा है कि जब कोई सरकार सच्ची निष्ठा से काम करती है, तो वादे एक साल के भीतर पूरे हो जाते हैं।” कपिल मिश्रा ने आगे कहा, “इसके विपरीत, अरविंद केजरीवाल ने 10 साल तक दिल्ली पर शासन किया, जहां झुग्गी-बस्तियों में बार-बार फॉर्म भरवाए गए और झूठे वादे किए गए, जिसके बाद आप कार्यकर्ताओं ने महिलाओं का निजी डेटा तक बेच दिया। 10 वर्षों तक दिल्ली में किसी भी महिला के खाते में एक रुपया भी नहीं पहुंचा। अगर ईमानदार होते तो पंजाब में भी ये वादा पूरा किया जा सकता था।”
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