
नई दिल्ली: नेपाल (Nepal) के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही मची है. हादसे में अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. बाढ़ से 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है और कई वाहन तेज बहाव में बह गए. नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों से 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है. बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
नेपाल में लापता लोगों की संख्या 463 तक पहुंच गई है. इनमें 133 भारतीय, 52 विदेशी और 13 नेपाली नागरिक शामिल हैं. कैलाश जर्नी के कुल 31 यात्री भी लापता बताए गए हैं, जिनमें 26 विदेशी नागरिक हैं, लेकिन उनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई है. भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तैयार रखा है, जबकि 7 टीमें स्टैंडबाय पर हैं.
नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. गंडक, नारायणी और कोसी नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर समेत बिहार के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से फोन पर बात कर हरसंभव राहत मदद का भरोसा दिया है.
नेपाल में फंसे पश्चिम बंगाल के 65 पर्यटक, परिवारों की बढ़ी चिंता
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के आरामबाग से 65 पर्यटकों को लेकर नेपाल गई बस फिलहाल वहां फंसी हुई है. बस नेपाल के चेतनपार्क में खड़ी है, जो आपदा प्रभावित इलाके से करीब 120 किलोमीटर दूर है. यह समूह 24 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुआ था. बुधवार सुबह पर्यटकों से संपर्क टूटने के बाद उनके परिवार परेशान हो गए थे. शाम को संपर्क हो गया, लेकिन नेपाल में नेटवर्क की दिक्कत के कारण लगातार बातचीत नहीं हो पा रही है. परिवार के लोग चाहते हैं कि सभी पर्यटक जल्द से जल्द सुरक्षित आरामबाग लौटें. बस मालिक भी यात्रियों और बस की वापसी को लेकर चिंतित है.
नेपाल बाढ़: 250 से ज्यादा रेस्क्यू, बालेन शाह ने दिया भरोसा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस को राहत-बचाव अभियान में लगाया है. हेलीकॉप्टरों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. घायलों के इलाज के लिए काठमांडू के वीर अस्पताल और राष्ट्रीय ट्रमा सेंटर में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं. शाह ने कहा कि लापता लोगों की तलाश, घायलों का इलाज और प्रभावित परिवारों तक भोजन-पानी पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है.
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