
नई दिल्ली। नेपाल (Nepal) में आई भीषण बाढ़ (Flood) के बीच अपनी जान बचाने के लिए जंगल की ओर भागकर पेड़ों पर चढ़ने वाला 8 साल का जोयल घाले (Joyal Ghale) आखिरकार शुक्रवार को अपनी मां से मिल गया। बेटे के लापता होने के बाद उसकी मां को आशंका थी कि शायद उसके दोनों बेटों की स्कूल में ही मौत हो गई है। ऐसे में जोयल का सुरक्षित मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत बनकर आया।
एक दिन पहले जोयल को उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले से अकेले एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया था। उसके पैर में फ्रैक्चर और चेहरे पर चोट के निशान बताए गए थे। वहीं, उसकी 28 वर्षीय मां तमांग लगातार अपने दोनों लापता बच्चों की तलाश कर रही थीं।
स्कूल जाने के बाद मचा था हाहाकार
बुधवार सुबह दोनों बच्चे स्कूल की गाड़ी से स्कूल गए थे, जबकि तमांग घर पर बुनाई का काम कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें अचानक भूकंप जैसी तेज आवाज सुनाई दी। वह तुरंत अपने बेटों के स्कूल की ओर निकलने की कोशिश करने लगीं। स्कूल उनके घर से सामान्य तौर पर 15 से 20 मिनट की ड्राइव की दूरी पर था, लेकिन बाढ़ और मलबे के बाद पूरा इलाका पहचान से बाहर हो चुका था। तमांग के मुताबिक, स्कूल की इमारत भी तबाह हो गई थी। उन्हें लगा कि उनके दोनों बेटों की जान चली गई होगी।
अकेले बचने के लिए पेड़ों पर चढ़ा मासूम
बाढ़ के बीच जोयल किसी तरह जंगल की तरफ भाग गया और पेड़ों पर चढ़कर अपनी जान बचाई। गंभीर चोटों के बावजूद वह जिंदा रहा। बाद में रेस्क्यू टीम ने उसे ढूंढ निकाला और एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया।
रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को तमांग ने फोन पर अपने बेटे से बात की। बेटे की आवाज सुनते ही मां भावुक हो गईं। परिवार उन खुशनसीब लोगों में शामिल है, जो इस भीषण आपदा के बीच जिंदगी बचाने में कामयाब रहे।
नेपाल में 587 मौतें, 1900 से ज्यादा लापता
नेपाल में बाढ़ के बाद हुई भारी तबाही में अब तक 587 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1900 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा के बाद 290 भारतीय नागरिकों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
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