
भोपाल। बाढ़ प्रभावित चित्रकूट का दौरा करने पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने रविवार को एक अलग दृश्य दिखा। बाढ़ से प्रभावित इलाके में निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री का रास्ता रोक लिया। बुजुर्ग ने उनसे कहा कि पहले मेरा घर देखो। मुख्यमंत्री भी नहीं रुके और न ही आगे बढ़ गए। उन्होंने बुजुर्ग की बात सुनी और उनके साथ घर तक पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान को देखा। दरअसल, लगातार बारिश के बाद सेमरावल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट के कई इलाकों में पानी भर गया। नदी का पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया, जिससे लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया। रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद हालात देखने चित्रकूट पहुंचे और प्रभावित इलाकों में पैदल घूमकर लोगों से बातचीत की।
रामधाम मोहल्ले में मुख्यमंत्री कीचड़ और जलभराव वाले रास्तों से पैदल निकले। इसी दौरान प्रभावित लोगों ने उन्हें अपने घरों और दुकानों में हुए नुकसान की जानकारी दी। एक बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री को रोककर पहले अपना घर देखने की बात कही तो मुख्यमंत्री उनके साथ अंदर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग सहित अन्य प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सतना-चित्रकूट मार्ग पर एक किराना दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान का भी जायजा लिया।
मुख्यमंत्री प्राचीन मुखारविंद के पास बनाए गए राहत शिविर भी पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लोगों को कपड़े, घरेलू उपयोग की सामग्री और खाद्यान्न वितरित किया। राहत शिविर में बांदा के बबेरू से आए कुछ श्रद्धालु भी रुके हुए थे, जो कामदगिरि के दर्शन के लिए चित्रकूट आए थे लेकिन बाढ़ के कारण वापस नहीं जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशासन की ओर से उनके लिए भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जब तक चित्रकूट में जनजीवन सामान्य नहीं हो जाता, वरिष्ठ अधिकारी यहीं रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने अधिकारियों को अगले तीन दिन तक प्रभावित क्षेत्रों में रहकर बाढ़ पीड़ितों तक मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के घरों, दुकानों, पशुओं या अन्य संपत्ति को नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कराया जाएगा। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत और आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री शनिवार रात रीवा पहुंचे थे, जहां उन्होंने सतना और रीवा में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। इसके बाद रविवार सुबह चित्रकूट पहुंचकर उन्होंने खुद प्रभावित इलाकों में जाकर हालात देखे और लोगों से सीधे बातचीत की।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राहत की बात है कि घटना के समय दिन था और मौसम के पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। हमारी सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस बाढ़ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। आज मैंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की और अधिकारियों को प्रभावितों तक सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य नुकसान हुआ है, उनका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
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