
नई दिल्ली। राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) के कार्यवाहक चीफ जस्टिस (Acting Chief Justice) संजीव प्रकाश शर्मा (Sanjeev Prakash Sharma) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) ने सोमवार शाम बड़ा फैसला लिया। कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की है। इस बीच जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा छुट्टी पर चले गए हैं। यह सिफारिश ऐसे समय हुई है जब राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ वकीलों का विरोध तेज हो गया है। इसी दिन जस्टिस शर्मा ने न्यायिक कार्य से खुद को अलग कर लिया।
जस्टिस शर्मा के खिलाफ क्या आरोप लगे?
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को CJI सूर्यकांत को पत्र लिखे थे। इन पत्रों में उन्होंने जस्टिस शर्मा पर ‘पावर के दुरुपयोग’ का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, जिनसे कार्यवाहक चीफ जस्टिस की ईमानदारी पर सवाल उठते हैं।
जस्टिस मेहता ने यह भी मांग की थी कि जस्टिस शर्मा को किसी दूसरे हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जाए और राजस्थान हाईकोर्ट में नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया जाए। कॉलेजियम की बैठक में इन आरोपों पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेजियम इन आरोपों की जांच कर सकता है। शिकायत में कथित तौर पर जिन कुछ आदेशों पर सवाल उठाए गए हैं, उन्हें भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। हालांकि, जस्टिस शर्मा 26 सितंबर को रिटायर होने वाले हैं, इसलिए कॉलेजियम इस मामले में सावधानी से आगे बढ़ने के पक्ष में है।
1 से 5 सितंबर तक नहीं बैठेंगे जस्टिस शर्मा
राजस्थान हाईकोर्ट के अपडेटेड रोस्टर के मुताबिक, जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा 1 सितंबर से 5 सितंबर तक किसी बेंच में नहीं बैठेंगे। उनकी बेंच के मामलों को दूसरी बेंचों को सौंप दिया गया है। जस्टिस शर्मा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में वकीलों का विरोध भी तेज हो गया है।
जयपुर में कुछ वकील कार्यवाहक चीफ जस्टिस की अदालत के बाहर बैठ गए और नारेबाजी की। जोधपुर में दोनों वकील संगठनों ने रविवार तक हड़ताल का ऐलान किया। उनकी मांग है कि जस्टिस शर्मा को न्यायिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए। वकील संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को मजबूत प्रतिनिधित्व भेजने का भी फैसला किया है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने और किन नामों की सिफारिश की?
राजस्थान हाईकोर्ट के लिए संजय कुमार अग्रवाल के अलावा कॉलेजियम ने जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है। जस्टिस भाटी राजस्थान हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं। वहीं गुजरात हाईकोर्ट के जज अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है। इन तीन सिफारिशों के बाद चीफ जस्टिस की नियुक्ति से जुड़ी कुल सात सिफारिशें सरकार के पास लंबित होंगी।
कॉलेजियम ने कहा- आरोपों को निष्कर्ष नहीं माना जा सकता
जस्टिस शर्मा के खिलाफ आरोपों को लेकर CJI सूर्यकांत ने 26 अगस्त को एक बयान में कहा था कि उन्होंने और कॉलेजियम के अन्य सदस्यों ने जस्टिस संदीप मेहता की चिंताओं पर ध्यान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी मौजूदा जज के खिलाफ लगाए गए आरोपों से स्थापित संस्थागत प्रक्रिया के तहत निपटा जाना चाहिए। संबंधित जज को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना जरूरी है और सिर्फ आरोप लगाए जाने से उन्हें निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। CJI ने यह भी कहा था कि कॉलेजियम पहले से ही बाकी हाईकोर्ट में नियमित चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया पर काम कर रहा था।
10 महीने से कार्यवाहक चीफ जस्टिस थे शर्मा
जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा करीब 10 महीने से राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे थे। सितंबर 2025 में जस्टिस एस. श्रीराम के चीफ जस्टिस पद से रिटायर होने के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी। अब कॉलेजियम ने उनकी जगह छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है।
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