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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को पर्याप्त सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई जाए – कलकत्ता हाईकोर्ट

September 02, 2026


कोलकाता । कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने कहा कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को (To TMC MP Mahua Moitra) पर्याप्त सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई जाए (Adequate Armed Security should be Provided) । हाल ही में अपने कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान उन पर अंडे फेंके गए थे।


  • जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मंगलवार को आदेश दिया कि जब भी महुआ मोइत्रा अपने लोकसभा क्षेत्र में जाएं, तो उनके साथ दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं, ताकि उन्हें कोई परेशान न कर सके या उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो। हालांकि, यह पुलिस सुरक्षा 30 दिनों के लिए दी जाएगी। इस मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होनी है। जिस दिन कलकत्ता हाई कोर्ट ने यह आदेश दिया, उसी दिन कृष्णानगर से तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा को नादिया जिले के चपड़ा में पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। मंगलवार को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि महुआ मोइत्रा पुलिस को पहले ही बता देंगी कि वह किन तारीखों पर अपने लोकसभा क्षेत्र का दौरा करेंगी। उसी के अनुसार सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।

    कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख करते हुए तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि जब भी वह अपने लोकसभा क्षेत्र का दौरा करती हैं, तो उनके आसपास विरोध प्रदर्शन होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘राजनीति से प्रेरित’ गड़बड़ी है। नतीजतन, वह एक सांसद के तौर पर आम लोगों के लिए काम नहीं कर पा रही हैं। महुआ मोइत्रा के वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि जब भी वह अपने लोकसभा क्षेत्र में जाती हैं, तो उनकी मुवक्किल पर अंडे, आलू और पत्थर फेंके जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक सांसद होने के बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई है।

    “जो सांसद हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर दूसरी पार्टियों में शामिल हुए हैं, उन्हें सुरक्षा दी जा रही है। लेकिन जो किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं, उन पर हमले हो रहे हैं।” यह दलील सुनने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के जज ने कहा कि सांसद पर हमला होना ठीक नहीं है। “राज्य को इस मामले से सख्ती से निपटना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सांसदों को उनके अपने इलाकों में काम करने में कोई बाधा न आए।” जब कलकत्ता हाई कोर्ट यह बात कह रहा था, उसी समय नादिया के चपड़ा में तृणमूल सांसद को फिर से विरोध का सामना करना पड़ा।

    आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के बाद जब वह अपनी कार से निकल रही थीं, तो उनकी कार के आसपास काले झंडे दिखाए गए। इसके साथ ही महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे भी लगाए गए। मोइत्रा ने उन पर हुए हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव फैल गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। दिन में मीडिया से बात करते हुए तृणमूल सांसद ने कहा, “यह अफरातफरी पार्टी छोड़कर जाने वालों और भाजपा की मदद से फैलाई जा रही है।”

    तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए महुआ मोइत्रा ने उन्हें ‘बेईमान’ कहा। उन्होंने पार्टी-विरोधी गतिविधियों के लिए ज़िला परिषद के सदस्यों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई का भी ज़िक्र किया, साथ ही उन्होंने पुलिस औरप्रशासनिक दबाव बनाकर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान किए जाने का कड़ा विरोध किया। दूसरी ओर, छपरा भाजपा आईटी सेल के इंचार्ज गोपाल दास और स्थानीय निवासी अंबरजीत रॉय ने आरोप लगाया कि छपरा इलाके में अशांति, ड्रग्स के कारोबार और जबरन वसूली की राजनीति के पीछे महुआ मोइत्रा का हाथ है। यह भी दावा किया गया है कि हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के आरोपों के विरोध में आम लोगों ने काले झंडे दिखाए और इस घटना में भाजपा शामिल नहीं थी।

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