img-fluid

भारत की डिफेंस कंपनी से 768 करोड़ की डील, चूक के बाद गई एस्टोनिया के रक्षा मंत्री की कुर्सी

September 04, 2026

नई दिल्ली। यूक्रेन (Ukraine) के लिए करीब 70 मिलियन यूरो (लगभग 768.50 करोड़ रुपए) के गोला-बारूद की डील (Ammunition Deal) में हुई चूक की जिम्मेदारी लेते हुए एस्टोनिया (Estonia) के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर (Defence Minister Hanno Pevkur) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विवाद उस समय गहराया, जब इस सौदे में भारत के स्वामित्व वाली एक ऐसी कंपनी शामिल पाई गई, जिसका पहले आर्टिलरी शेल्स बेचने का कोई रिकॉर्ड नहीं था।

पेवकुर वर्ष 2022 से एस्टोनिया के रक्षा मंत्री थे। उन्होंने बुधवार को इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वह इस रक्षा सौदे की जिम्मेदारी ले रहे हैं। हालांकि, एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टेन मिचल ने कहा कि उन्हें पेवकुर की ओर से कोई व्यक्तिगत गलती नजर नहीं आती। इसके बावजूद रक्षा मंत्री ने राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया।

2024 में हुई थी कंपनी से डील
मामला वर्ष 2024 में एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स और इटली में रजिस्टर्ड कंपनी Datasel SRL के बीच हुए समझौते से जुड़ा है। इसी साल इस कंपनी को भारत की Neco Defence Munitions ने खरीद लिया था।

इस सौदे का उद्देश्य यूक्रेन को तोपखाने के गोले उपलब्ध कराना था। उस समय यूक्रेन को युद्ध के बीच गोला-बारूद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा था। एस्टोनिया, यूक्रेन का मजबूत समर्थक रहा है और उसने इस खरीद के लिए यूरोपीय संघ की European Peace Facility से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल किया था।


  • डील के तहत कंपनी को बड़ी रकम एडवांस में दी गई थी। उम्मीद थी कि कुछ महीनों के भीतर गोला-बारूद यूक्रेन पहुंच जाएगा, लेकिन उत्पादन से जुड़ी कथित समस्याओं के कारण डिलीवरी लगातार टलती रही।

    2025 में मिला गोला-बारूद, गुणवत्ता पर उठे सवाल
    गोला-बारूद आखिरकार 2025 में एस्टोनिया पहुंचा, लेकिन उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद पूरे सौदे की प्रक्रिया और कंपनी के चयन की जांच के दायरे में आ गई।

    एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स के निदेशक ने भी इस सौदे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके विचार से कंपनी के साथ यह डील नहीं की जानी चाहिए थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसा घर बनाने के लिए किसी कंपनी को काम दे, जिसने पहले कभी घर नहीं बनाया हो, तो उसके काम पूरा करने की क्षमता को लेकर संदेह होना स्वाभाविक है।

    रक्षा मंत्री ने जिम्मेदारी बांटने की प्रक्रिया का किया बचाव
    पेवकुर ने हालांकि मंत्रालय के भीतर जिम्मेदारियों के बंटवारे का बचाव किया। उनका कहना था कि रक्षा मंत्री व्यक्तिगत तौर पर हर रक्षा सौदे की निगरानी नहीं करता।

    इसके बावजूद उन्होंने इस्तीफा देकर राजनीतिक जिम्मेदारी स्वीकार की। इस्तीफे के बाद पेवकुर ने कहा कि उनका निर्णय इस विश्वास के साथ है कि एस्टोनिया ने अपनी राष्ट्रीय रक्षा को मजबूत करने के लिए सही फैसले लिए हैं।

    वहीं प्रधानमंत्री क्रिस्टेन मिचल ने पेवकुर की व्यक्तिगत गलती नहीं मानी, लेकिन इस मामले में राजनीतिक जिम्मेदारी तय होने की बात सामने आई। यही वजह रही कि करीब 768 करोड़ रुपए के इस रक्षा सौदे ने एस्टोनिया की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।

    Share:

  • तेजस Mk1A का निर्माण पकड़ेगा जोर, अमेरिका से भारत पहुंचे 3 और शक्तिशाली फाइटर इंजन

    Fri Sep 4 , 2026
    नई दिल्ली. अमेरिकी कंपनी (American company) जीई एयरोस्पेस (GE Aerospace) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को अगस्त 2026 में तीन और एफ404-आईएन20 इंजन (engines) भेज दिए हैं. ये इंजन तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट एमके1ए प्रोग्राम के लिए हैं. कंपनी ने खुद इसकी पुष्टि की है. इस खेप के साथ कुल 10 इंजन एचएएल तक पहुंच […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved