
नई दिल्ली। साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत के ढहने से कई लोग मलबे में दब गए। 3 लोगों की मौत की खबर है जबकि तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। अभी तक 9 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। घायलों में से 3 को एम्स ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। घटनास्थल पर रेस्क्यू का काम जारी है। बताया जा रहा है कि जो बिल्डिंग गिरी उसमें छात्रों का पीजी भी चलता था। आज रविवार को छुट्टी होने के चलते अधिकांश बच्चे पीजी में ही थे।
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बिल्डिंग गिरने से बहुत दुखी हूं। मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात की और ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और NDRF मिलकर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। घायलों को सभी ज़रूरी मेडिकल मदद दी जा रही है। सभी घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ करता हूं।
सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि बिल्डिंग के बेसमेंट में काम चल रहा था, जो भी अफसरों की लापरवाही है। सख्त कार्यवाही की जाएगी। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इस हादसे को लेकर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन, आरके पुरम में बिल्डिंग गिरने की घटना से बहुत परेशान हूं। DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज़, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। सावधानी के तौर पर पास की बिल्डिंग को खाली करा दिया गया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। हालात पर करीब से नज़र रखी जा रही है, और सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
मौके पर दमकल की आठ गाड़ियां
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि दमकल की आठ गाड़ियां और विभिन्न विभागों की कई बचाव टीम मौके पर भेजी गई हैं। पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गईं और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। आपातकालीन कर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने तत्काल बचाव कार्य में मदद शुरू कर दी और मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए हाथों और उपलब्ध उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।फायर डिपार्टमेंट को आज दोपहर करीब 1:30 बजे सूचना मिली थी कि बिल्डिंग ढही है। जिस एरिया में ये हादसा हुआ है, वह दिल्ली का मोतीबाग इलाका लगता है।
बिल्डिंग मालिक की तलाश
पुलिस बिल्डिंग मालिक की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग के मालिक हरिओम बंसल और उनके भाई आनंद बंसल हैं जो गुरुग्राम के रहनेवाले हैं और उनके तीन से चार पीजी चलते हैं। चश्मदीदों का कहना है कि बिल्डिंग की बेसमेंट में काम चल रहा था, एक महीने पहले एक नोटिस भी दिया गया था। चश्मदीदों के मुताबिक एक साल पहले इस बिल्डिंग को खाली कराया गया था। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि इस बिल्डिंग में पीजी दो महीने पहले शुरू हुआ था। घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में मलबे के नीचे एक व्यक्ति का पैर फंसा दिखाई दिया। दमकलकर्मी उस व्यक्ति को बाहर निकालने के लिए मलबा हटा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस का बयान
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जांच से पता चला कि यह 40-50 साल पुरानी बिल्डिंग थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इस बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जाता था। जब यह हादसा हुआ तब बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अब तक छह लोगों को बचाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
‘हॉस्टल डेज़’ के नाम से चलता था पीजी
एक चश्मदीद ने बताया कि जो इमारत गिरी है, उसका नाम ‘हॉस्टल डेज़’ है। ठीक उसके बगल में एक और इमारत है जो गिर गई। ‘हॉस्टल डेज़’ खास तौर पर लड़कों का PG है; यह पांच मंज़िला इमारत थी। बगल वाली इमारत भी गिर गई। जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, वे सभी मलबे के नीचे दब गए।
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