
नई दिल्ली ।जल्दी और अधिक मसल्स (Muscles) बनाने की चाहत में जिम जाने वाले कुछ युवाओं के बीच एनाबॉलिक स्टेरॉयड (Anabolic Steroids) का इस्तेमाल चिंता का विषय बनता जा रहा है। सामान्य प्रोटीन और सप्लीमेंट से आगे बढ़कर कुछ लोग ऐसे इंजेक्शन (Injections) तक पहुंच रहे हैं, जिनमें ऐसे स्टेरॉयड पाए जाते हैं जिनका इस्तेमाल पशुओं में किया जाता है। बोल्डेनोन (Boldenone) और ट्रेनबोलोन (Trenbolone) जैसे नाम इस तरह के पदार्थों में प्रमुख रूप से सामने आए हैं।
इन दवाओं का उद्देश्य शरीर में मांसपेशियों की वृद्धि और वजन बढ़ाने से जुड़ा प्रभाव पैदा करना हो सकता है, लेकिन बिना चिकित्सकीय निगरानी इनके इस्तेमाल से शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल संतुलन पर असर पड़ सकता है। समस्या यह है कि बाहर से मांसपेशियों का आकार बढ़ता दिखाई देने के बावजूद अंदरूनी स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव तुरंत नजर नहीं आता।
स्टैनले मेडिकल कॉलेज, चेन्नई की रिसर्च में 18 से 50 वर्ष की उम्र के 161 पुरुष जिम करने वालों का अध्ययन किया गया। इनमें 57 लोगों में ऐसे बदलाव पाए गए, जिन्हें स्टेरॉयड के इस्तेमाल से जोड़ा गया। अध्ययन में 18 से 25 वर्ष की उम्र वाले प्रतिभागियों की संख्या भी उल्लेखनीय रही, जिससे कम उम्र में इसके बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता सामने आती है।
रिसर्च में स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने वाले लोगों के रक्त में क्रिएटिनिन का स्तर अधिक पाया गया। क्रिएटिनिन किडनी की कार्यक्षमता से जुड़े प्रमुख संकेतकों में शामिल है। इसी तरह लिवर से जुड़े एंजाइमों में भी बदलाव दर्ज किए गए। इन संकेतकों में बदलाव यह बताता है कि स्टेरॉयड का अनियंत्रित इस्तेमाल शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
एनाबॉलिक स्टेरॉयड केवल मांसपेशियों तक सीमित प्रभाव नहीं डालते। इनके इस्तेमाल से शरीर में हार्मोन का सामान्य उत्पादन प्रभावित हो सकता है। लंबे समय तक या अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने पर प्रजनन क्षमता, त्वचा, मूड और अन्य शारीरिक प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
दिल से जुड़ा जोखिम भी इस विषय को गंभीर बनाता है। कुछ एनाबॉलिक स्टेरॉयड रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी जोखिमों को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि केवल मसल्स का आकार बढ़ने को स्वास्थ्य बेहतर होने का संकेत नहीं माना जा सकता।
रिसर्च में यह भी देखा गया कि स्टेरॉयड का इस्तेमाल बंद करने के बाद शरीर में बदलाव तेजी से दिखाई दे सकते हैं। अध्ययन में शामिल 79 पुरुषों के मामले में इस्तेमाल बंद करने के तीन महीने बाद वजन में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि स्टेरॉयड से हासिल किया गया शरीर का आकार हमेशा स्थायी नहीं रहता।
विशेषज्ञों के अनुसार मांसपेशियां बनाने के लिए किसी भी हार्मोन या स्टेरॉयड का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं किया जाना चाहिए। खासतौर पर पशुओं के लिए तैयार दवाओं को इंसानों में इस्तेमाल करना जोखिमपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उनकी सुरक्षा और मात्रा मानव शरीर के लिए निर्धारित नहीं होती।
युवाओं में तेजी से परिणाम पाने की इच्छा इस समस्या को और बढ़ा सकती है। जिम में कम समय में बड़ा शरीर बनाने का दबाव कई लोगों को ऐसे उत्पादों की ओर ले जाता है, जिनके दीर्घकालिक प्रभावों की पर्याप्त जानकारी उन्हें नहीं होती। सुरक्षित तरीके से मांसपेशियां बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त आराम और योग्य विशेषज्ञ की सलाह अधिक महत्वपूर्ण है।
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