इस्लामाबाद। भारत के लगातार दबाव और अगले महीने होने वाली एफएटीएफ बैठक (FATF Meeting) से पहले पाकिस्तान (Pakistan) ने मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर (Masood Azhar) पर इनाम की राशि बढ़ा दी है। पाकिस्तान की फेडरल जांच एजेंसी (FIA) की आतंकरोधी शाखा ने अजहर को वांछित आतंकियों की सूची में शामिल करते हुए उस पर इनाम 50 लाख पाकिस्तानी रुपये से बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया है। भारतीय रक्षा सूत्रों ने पाकिस्तान के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करने की कोशिश बताया है।
FATF बैठक से पहले जारी की नई सूची
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की अगले महीने पेरिस में प्रस्तावित बैठक से पहले पाकिस्तान की ओर से वांछित आतंकियों की नई सूची जारी की गई है। इसमें कुल 1804 आतंकियों के नाम शामिल हैं। सूची में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के अलावा मुंबई आतंकी हमले की साजिश में शामिल रहे 19 अन्य आतंकियों को भी जगह दी गई है।
हालांकि, सूची में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। मुंबई हमले में मदद करने वाले मोहम्मद खान और बहावलनगर के आतंकी अब्दुल रहमान की तस्वीरें हटा दी गई हैं। इनके लश्कर-ए-तैयबा से संबंध होने का उल्लेख भी सूची से निकाल दिया गया है।
भारतीय एजेंसियों का दावा है कि मसूद अजहर समेत मुंबई हमले से जुड़े बाकी 19 वांछित आतंकी पाकिस्तान में ही मौजूद हैं। पाकिस्तान ने वर्ष 2021 में दावा किया था कि मसूद अजहर अफगानिस्तान भाग गया है। इसके विपरीत भारतीय एजेंसियों के पास जानकारी होने का दावा है कि अजहर सिंध प्रांत के नवाबशाह में छिपा हुआ है।
भारतीय एजेंसियों के मुताबिक, पिछले छह महीनों के दौरान नवाबशाह में मसूद अजहर की गतिविधियों से संबंधित जानकारी सामने आती रही है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से उसे वांछित सूची में शामिल करना सवालों के घेरे में है।
चार साल में 35 फीसदी बढ़ी वांछित आतंकियों की संख्या
पाकिस्तान की नई सूची में आतंकियों की संख्या में भी बड़ी वृद्धि दर्ज हुई है। वर्ष 2021 में जारी सूची में 1330 वांछित आतंकियों के नाम थे। वहीं 2026 की नई सूची में यह संख्या बढ़कर 1804 हो गई है। यानी चार साल में सूचीबद्ध आतंकियों की संख्या में करीब 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
मुंबई हमले से जुड़े लश्कर के 11 आतंकियों के नाम
एफआईए की आतंकरोधी शाखा की सूची के अनुसार, मोस्ट वांटेड आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 11 लोगों के नाम शामिल हैं। इन पर मुंबई आतंकी हमले के हमलावरों को समुद्री रास्ते से मदद उपलब्ध कराने का आरोप है।
सूची में छह ऐसे लोगों के नाम भी हैं, जिन पर आतंकियों को आर्थिक मदद देने का आरोप लगाया गया है। इनमें मोहम्मद इफ्तियार पर 70 हजार पाकिस्तानी रुपये, मोहम्मद जिया पर 80 हजार रुपये, मोहम्मद अब्बास नासिर पर 2.53 लाख रुपये, जावेद इकबाल पर 1,86,430 रुपये, मुख्तार अहमद पर 2,98,047 रुपये और अहमद सईद पर 21 लाख रुपये खर्च करने का आरोप है।
तीन बार FATF की ग्रे लिस्ट में जा चुका है पाकिस्तान
पाकिस्तान पर लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकी संगठनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगते रहे हैं। इसी वजह से एफएटीएफ उसे तीन बार ग्रे सूची में डाल चुका है। भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की भूमिका का मुद्दा लगातार उठाता रहा है।
अगले महीने होने वाली एफएटीएफ बैठक में भी भारत की ओर से आतंकवाद और पाकिस्तान की भूमिका का मुद्दा उठाए जाने की तैयारी है। ऐसे में मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने और उसे वांछित सूची में शामिल करने के पाकिस्तान के कदम को भारतीय पक्ष वैश्विक दबाव से बचने की रणनीति के तौर पर देख रहा है।
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