उज्जैन। गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) के साथ शुरू हुआ 10 दिवसीय गणेशोत्सव (Ganeshotsav) अब समापन की ओर है। 14 सितंबर को गणपति बप्पा की घरों और पूजा पंडालों में स्थापना की गई थी। गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें और दसवें दिन किया जाता है। दस दिन तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) के दिन गणपति विसर्जन के साथ होता है।पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी पर रवि योग भी बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रवि योग में किए गए कार्य शुभ फल प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं इस वर्ष अनंत चतुर्दशी की तारीख और गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त।
25 सितंबर को मनाई जाएगी अनंत चतुर्दशी
वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होगी और 25 सितंबर की रात 11 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर इस वर्ष अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने का विधान है। पूजा के लिए कुल 16 घंटे 55 मिनट का शुभ समय रहेगा। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:11 बजे से रात 11:06 बजे तक रहेगा।
इस बार अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह 6:11 बजे से 11:22 बजे तक रवि योग रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रवि योग में सूर्य का प्रभाव होने के कारण कई प्रकार के दोष समाप्त होते हैं।
वहीं शूल योग सुबह से दोपहर 2:51 बजे तक रहेगा। इसके बाद गण्ड योग शुरू होगा। शतभिषा नक्षत्र सुबह 11:22 बजे तक रहेगा और इसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा।
गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त
अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के लिए सुबह का समय शुभ रहेगा। सुबह 6:11 बजे से 10:42 बजे तक विसर्जन किया जा सकता है। इस दौरान चर, लाभ और अमृत चौघड़िया मुहूर्त रहेंगे।
अपराह्न में शुभ चौघड़िया मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से 1:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद शाम में चर चौघड़िया के दौरान 4:44 बजे से 6:14 बजे तक गणेश विसर्जन का शुभ समय रहेगा।
रात में भी विसर्जन के लिए मुहूर्त रहेगा। रात 9:14 बजे से 10:43 बजे तक गणेश विसर्जन किया जा सकता है। इसके बाद देर रात का चौघड़िया मुहूर्त रात 12:13 बजे से 26 सितंबर सुबह 4:42 बजे तक रहेगा। इसमें शुभ, अमृत और चर मुहूर्त शामिल होंगे।
अगले साल फिर आने का किया जाता है निवेदन
गणेश विसर्जन से पहले श्रद्धालु भगवान गणेश से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि गणपति बप्पा के शुभ चरणों के आगमन से घर-परिवार में सुख-समृद्धि, शुभता और उन्नति आती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है और उनकी कृपा से जीवन के संकट दूर होने तथा कार्यों में सफलता मिलने की धार्मिक मान्यता है।
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