इस्लामाबाद। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद पाकिस्तान अपनी ड्रोन युद्ध क्षमता को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) ने अमेरिकी ड्रोन (Pakistan Army) निर्माता कंपनी ‘पावरस’ के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत फिलहाल ड्रोन की खरीद शामिल है, जबकि आगे चलकर तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त रूप से ड्रोन निर्माण की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है। इस कंपनी का एक महत्वपूर्ण कारोबारी कनेक्शन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप से भी बताया जा रहा है।
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों के बाद पाकिस्तानी सेना ड्रोन युद्धक क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। उसकी रणनीति केवल विदेशों से ड्रोन खरीदने तक सीमित रहने के बजाय भविष्य में घरेलू स्तर पर इनके निर्माण की क्षमता विकसित करने की बताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस समझौते में दोनों देशों की सरकारों की भी भूमिका हो सकती है। अमेरिका के लिए यह समझौता पाकिस्तान में बढ़ती चीनी रक्षा तकनीक के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं पाकिस्तान भी रक्षा जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी सहयोग बढ़ने से चीन और तुर्किए पर उसकी रक्षा संबंधी निर्भरता कम करने की संभावना जताई गई है।
पाकिस्तानी सेना ने जिस ड्रोन निर्माता कंपनी पावरस के साथ समझौते की बात सामने आई है, उसका जल्द ही ऑरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स के साथ सार्वजनिक विलय होने की जानकारी दी गई है। ऑरियस ग्रीनवे को डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप का समर्थन हासिल है और दोनों ने इस कंपनी में निवेश किया है।
रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में प्रस्तावित विलय पूरा होने के बाद ट्रंप के दोनों बेटों की हिस्सेदारी अप्रत्यक्ष रूप से पावरस में भी हो सकती है। इसी वजह से पाकिस्तान के साथ हुए इस संभावित रक्षा समझौते को अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार से जुड़े कारोबारी हितों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन कंपनी के साथ किसी एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, बुधवार को जारी बयान में सेना ने कहा कि पावरस कंपनी के एक प्रतिनिधिमंडल ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की है।
सेना के मुताबिक बैठक में रक्षा, उत्पादन और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, आधिकारिक बयान में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने का उल्लेख नहीं किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान की युद्ध रणनीति में आए बदलाव को ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव से जोड़कर देख रही हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के नूर खान, मुरीदके और बहावलपुर स्थित एयरफील्ड्स को निशाना बनाया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान का एयर डिफेंस इन हमलों को रोकने में प्रभावी नहीं रहा।
इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान अपनी ड्रोन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ तकनीकी और उत्पादन क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।
इस संभावित समझौते को अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रक्षा एवं आर्थिक संबंधों में बढ़ती सक्रियता के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की प्रशंसा कर चुके हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान की ओर से भी अमेरिका के साथ आर्थिक और रक्षा सहयोग बढ़ाने की बात लगातार कही जाती रही है।
भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों में तनाव के बीच अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ता संपर्क क्षेत्रीय रणनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पावरस के साथ एमओयू की आधिकारिक पुष्टि अभी पाकिस्तानी सेना की ओर से नहीं की गई है।
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