न्यूयॉर्क। करीब 10 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद एक व्यक्ति को नई नौकरी मिली, लेकिन पहले ही दिन महज ढाई घंटे के भीतर उसकी नौकरी (Job) चली गई। न्यूयॉर्क के मैनहैटन (Manhattan, New York) में रहने वाले इस व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि उसे एक टेंप एजेंसी के माध्यम से कॉर्पोरेट कंपनी में काम मिला था। पिछली नौकरी के मुकाबले बेहतर भुगतान वाली इस नौकरी को लेकर वह काफी उत्साहित था, लेकिन कुछ ही घंटे बाद एजेंसी ने फोन कर उसे नौकरी से हटाए जाने की जानकारी दी। कंपनी की ओर से इसकी वजह ‘हाइजीन इश्यू’ बताई गई।
व्यक्ति के मुताबिक, नौकरी के पहले दिन वह अपनी ओर से पूरी तैयारी करके गया था। उसने पिछली रात नहाया, अच्छी तरह ग्रूमिंग की और पहली बार पहनने के लिए नई पोलो शर्ट तैयार रखी।
ऑफिस पहुंचने पर सुपरवाइजर ने उसका स्वागत किया और उसे कार्यस्थल की जानकारी दी। उसने ऑफिस की सुविधाएं भी देखीं, जहां अच्छी तरह सुसज्जित किचन और साफ बाथरूम मौजूद थे। इसके बाद उसे काम समझाया गया। करीब 30 मिनट बाद एक अन्य कर्मचारी ने उसकी ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभाल ली।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा। व्यक्ति ने बताया कि कुछ समय बाद उसकी सुपरवाइजर वापस आई और उसे जल्दी लंच पर जाने के लिए कहा। वह अभी ऑफिस से बाहर भी नहीं निकला था कि उसकी टेंप एजेंसी से फोन आ गया।
एजेंसी ने उसे बताया कि कंपनी ने उसकी नौकरी खत्म कर दी है। जब उसने वजह पूछी तो उसे ‘हाइजीन इश्यू’ बताया गया। यह सुनकर वह हैरान रह गया, क्योंकि उसके अनुसार उसे अपनी साफ-सफाई या कपड़ों को लेकर किसी तरह की समस्या महसूस नहीं हुई थी।
व्यक्ति ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाया कि आखिर कंपनी को हाइजीन से जुड़ी ऐसी कौन सी समस्या नजर आई, जिसके कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया। उसका कहना था कि उसने नौकरी पर जाने से पहले नहाया था, ग्रूमिंग की थी और साफ, नई शर्ट पहनी थी।
उसने यह भी बताया कि उसने दो लोगों से सीधे पूछा कि क्या उसके शरीर से कोई खराब गंध आ रही थी। दोनों ने ऐसी किसी समस्या से इनकार किया।
व्यक्ति ने यह संभावना भी जताई कि शायद उसके कपड़ों पर थोड़ी धूल या बाल रहे हों, लेकिन उसके मुताबिक ऐसा कुछ नहीं था जिसे बड़ी समस्या माना जाए।
उसने बताया कि उसके घर में डॉग और कैट भी हैं। इसी वजह से उसे संदेह हुआ कि कहीं पालतू जानवरों के बाल या गंध उसके कपड़ों पर तो नहीं रह गई होगी। हालांकि, उसका दावा था कि कपड़ों पर बहुत ज्यादा बाल नहीं थे और सामान्य नजर से उन्हें आसानी से देखा भी नहीं जा सकता था।
उसकी सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि कंपनी ने उसे यह स्पष्ट नहीं किया कि हाइजीन को लेकर वास्तविक समस्या क्या थी। उसे यह भी पता नहीं चल पाया कि कंपनी ने उसके अंदर ऐसी कौन सी कमी देखी थी, जिसके आधार पर इतनी जल्दी नौकरी समाप्त कर दी गई।
नौकरी जाने के बाद व्यक्ति ने अपने दोस्तों से भी इस बारे में बात की। उसने उनसे सीधे पूछा कि क्या उसके शरीर से किसी तरह की खराब गंध आती है। दोस्तों ने ऐसी किसी समस्या से इनकार किया।
उसका कहना था कि वह नियमित रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखता है और उसे कोई ऐसा कारण समझ नहीं आया, जिससे कंपनी की ओर से बताई गई वजह स्पष्ट हो सके। उसने यह भी कहा कि उसे नहीं लगता कि इस मामले में उसके साथ किसी पहचान या अन्य आधार पर भेदभाव हुआ है।
व्यक्ति की कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कई लोगों ने उसके प्रति सहानुभूति जताई। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर पहले कभी उसके हाइजीन को लेकर शिकायत नहीं हुई और दोस्तों ने भी कोई समस्या नहीं बताई, तो संभव है कि कंपनी ने नौकरी खत्म करने के लिए कोई दूसरी वजह बताई हो।
कुछ लोगों ने सलाह दी कि उसे इस घटना को लेकर ज्यादा परेशान होने के बजाय आगे की नौकरी पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर कंपनी को वास्तव में हाइजीन से जुड़ी समस्या दिखी थी तो कर्मचारी को उसे सुधारने का मौका क्यों नहीं दिया गया।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि समस्या कपड़ों पर पालतू जानवरों के बाल, शरीर की गंध या किसी अन्य व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी थी तो कर्मचारी को इसकी जानकारी दी जा सकती थी। इससे वह अपनी गलती सुधार सकता था।
हालांकि, कंपनी की ओर से इस मामले में वास्तविक समस्या को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स की अटकलों को नौकरी खत्म किए जाने की निश्चित वजह नहीं माना जा सकता।
करीब 10 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद मिली नौकरी का पहले ही दिन खत्म हो जाना इस व्यक्ति के लिए परेशान करने वाला अनुभव रहा। खासकर इसलिए कि उसके मुताबिक उसे अपनी गलती का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। फिलहाल यह पूरा मामला उसके सोशल मीडिया पर साझा किए गए अनुभव और उस पर हुई प्रतिक्रियाओं के आधार पर सामने आया है।
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