
नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल (West Bengal) के आगामी विधानसभा उपचुनावों (Bypolls) से पहले राजनीतिक समीकरणों में बदलाव दिखाई दे रहा है। नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया ने नंदीग्राम (Nandigram) और रेजीनगर (Rejinagar) सीटों पर भाजपा (BJP) के समर्थन में प्रचार करने का फैसला किया है। हालांकि, पार्टी ने अभी उन नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जो इन सीटों पर प्रचार अभियान में शामिल होंगे। ऐसे में लोकसभा सांसद सायोनी घोष (Saayoni)की संभावित भूमिका को लेकर चर्चा तेज है।
सायोनी घोष पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा के विरोध को लेकर मुखर रही हैं। अब एनसीपीआई के भाजपा के समर्थन में प्रचार के फैसले के बाद उनके भी भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी ओर से इन दोनों सीटों पर प्रचार करने की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
एनसीपीआई ने अपने फैसले के पीछे एनडीए के साथ अपने राजनीतिक संबंधों का हवाला दिया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि उसके पास दोनों सीटों पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं है, इसलिए वह भाजपा के समर्थन में प्रचार करेगी। पार्टी ने खुद को एनडीए में भाजपा के बाद सबसे बड़ा साझेदार बताया है।
पार्टी के अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी ने कहा कि राज्य में लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक टकराव को खत्म करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके सांसदों को एक साथ काम करना चाहिए, ताकि राज्य की स्थिति में सुधार हो सके।
चटर्जी ने आने वाले समय में एनडीए नेतृत्व के साथ एक बड़ी बैठक होने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना है।
हालांकि भाजपा ने एनसीपीआई के समर्थन का स्वागत किया है, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इसे पश्चिम बंगाल में औपचारिक चुनावी गठबंधन नहीं माना जाना चाहिए। भाजपा की ओर से कहा गया है कि दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे या किसी चुनावी गठबंधन का इससे कोई सीधा संकेत नहीं निकलता।
इस बीच नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव को लेकर अन्य राजनीतिक दल भी अपनी रणनीति बना रहे हैं। डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी नेता संदीपन साहा ने चुनाव को तृणमूल के अलग-अलग गुटों के बीच मुकाबले के रूप में पेश किया है।
कांग्रेस ने भी इन उपचुनावों को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने पार्टी को तृणमूल से अलग राजनीतिक विकल्प के रूप में मजबूत करने की जरूरत बताई है। उन्होंने भाजपा विरोधी मतदाताओं के बीच कांग्रेस की भूमिका बढ़ाने की बात कही।
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होंगे और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। चुनाव आयोग ने दोनों सीटों के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है।
नंदीग्राम सीट 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई थी, जबकि रेजीनगर सीट भी विधायक के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। आगामी उपचुनावों में दोनों सीटों पर अलग-अलग दलों की राजनीतिक तैयारियां तेज हो चुकी हैं।
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