
डेस्क: समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगी सरकार पर रविवार को हमला बोला. उन्होंने गोरखपुर और सैफई की तुलना करते हुए कहा कि जो सीएम अपने शहर का काम नहीं कर सकते, वो कम से कम सैफई से सीख लेते. इन्हें 10 साल में सैफई से ज्यादा काम गोरखपुर में कराना था, लेकिन मुख्य नगरी में पानी भरा हुआ है और डूब रही है. उन्होंने कहा कि अगर सैफई से प्रेरणा ली होती तो जहां मेट्रो चलनी थी, वहां नाव चल रही है. ये मेट्रो चलाने की बात कर रहे थे, वहां नाव चलाने की स्थिति है.
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को दस साल में सैफई से ज्यादा अच्छा काम करना चाहिये था. वो दिन-रात सैफई का नाम लेते रहते हैं. गोरखपुर में जो हो रहा है, वो लगता है कि आपसी लड़ाई है. अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर तंज कसते हुए कहा कि ये आने वाले समय में भाजपा से लड़ेंगे या किसी और पार्टी से? कहीं ऐसा ना हो कि चुनाव में किसी वाहिनी से लड़ें. मुख्यमंत्री को किसी जगह से प्रेम नहीं है और न ही वो प्रेम करना जानते हैं.
चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि 2017 में हमने ध्यान नहीं दिया. 2022 में चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए, अगर निष्पक्ष चुनाव होते तो हमारी सरकार बनती, लेकिन 2024 में हम लोग जागरूक थे, इसलिए इतने सांसद जिता ले गए.
उन्होंने कहा कि इन्होंने हर जगह बेईमानी की, अपने लोगों को पोस्ट दिया. बेईमानी तो हो रही है, बात बस इतनी है कि अब बेईमानी खुल गई है. अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग मंदिर में चढ़ावा चोरी कर सकते हैं उनसे क्या उम्मीद करेंगे? बीजेपी ने प्राइवेट कंपनी को लगा कर फॉर्म-7 भरवा कर भेजने का काम किया. PDA प्रहरियों ने जागरूकता से काम करते हुए उनको पकड़ लिया. बीजेपी वाले फॉर्म-7 पर फर्जी दस्तखत करवा रहे थे, पकड़े गए थे.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अगर इलेक्शन कमीशन के पक्ष में बोल रहे हैं तो वो खुद घोटाले में शामिल हैं. चुनाव आयोग अपनी क्रेडिबिलिटी बचाए और किसी के इशारे पर काम ना करे बस इतनी सी बात है. उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा में बड़े पैमाने पर वोट चोरी की जा रही है और फर्जी वोट बनाए गए हैं.
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