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ट्रंप सरकार के विज्ञापनों पर अमेरिका में विवाद, टैक्स के पैसे से प्रचार जैसे संदेश देने पर सांसदों के सवाल

September 28, 2026

वॉशिंगटन। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन (Donald Trump administration) की ओर से प्रसारित किए जा रहे सरकारी टेलीविजन विज्ञापनों (Government television advertisements) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी डेमोक्रेट सांसदों के साथ कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी सवाल उठाया है कि क्या सरकारी धन का इस्तेमाल ऐसे विज्ञापनों के लिए किया जाना चाहिए, जिनकी भाषा और प्रस्तुति ट्रंप के चुनावी प्रचार से मिलती-जुलती है। आलोचकों का कहना है कि ये विज्ञापन सरकारी जनहित संदेशों के बजाय राजनीतिक प्रचार जैसे दिखाई देते हैं।

विवाद उस 30 सेकंड के विज्ञापन के बाद बढ़ा, जो 2024 के ट्रंप चुनाव अभियान के एक पुराने विज्ञापन से काफी मिलता-जुलता है। मीडिया विज्ञापन खर्च पर नजर रखने वाली कंपनी AdImpact के मुताबिक, इस नए विज्ञापन पर करीब 3.19 लाख डॉलर खर्च हो चुके थे। विज्ञापन में ट्रंप को एक गलियारे में चलते हुए दिखाया गया है, जबकि उनकी आवाज में ‘ग्लोबलिस्ट’, ‘वारमॉन्गर्स’ और अन्य राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ‘फाइनल बैटल’ की बात कही जाती है। अंत में स्क्रीन पर लिखा आता है- “Paid for by the U.S. Government” यानी इसका भुगतान अमेरिकी सरकार ने किया है।


  • 2024 के चुनावी विज्ञापन से मिलती-जुलती प्रस्तुति

    नए सरकारी विज्ञापन की शैली 2024 में ट्रंप के चुनाव अभियान के दौरान प्रसारित किए गए विज्ञापन जैसी है। उस समय के विज्ञापन में लोगों से ट्रंप की ‘अमेरिका के लिए लड़ाई’ में शामिल होने की अपील की गई थी। नए विज्ञापन में वही दृश्य और पुराने अभियान भाषण से जुड़ी आवाज का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन इस बार भुगतान अमेरिकी सरकार की ओर से किया गया है।

    यह विज्ञापन उस समय प्रसारित किया जा रहा है, जब नवंबर में अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं। इसी वजह से इसके सरकारी धन से प्रसारण को लेकर राजनीतिक और कानूनी सवाल भी उठाए जा रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन विज्ञापनों को बनाने और प्रसारित करने के लिए किस सरकारी एजेंसी ने भुगतान किया है।

    पहले भी प्रसारित किए गए दो विज्ञापन

    ट्रंप प्रशासन की ओर से हाल के दिनों में ऐसे कई विज्ञापन प्रसारित किए गए हैं। शुक्रवार से एक मिनट का विज्ञापन प्रसारित किया गया, जिसमें रात के समय माउंट रशमोर के दृश्य और अमेरिका के 250वें वर्ष के अवसर पर ट्रंप के भाषण के अंश शामिल हैं।

    इससे पहले बुधवार से प्रसारित 30 सेकंड के एक अन्य विज्ञापन में ट्रंप को कम्युनिज्म को हराने की बात करते दिखाया गया। इसमें बड़े टैक्स कट, अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और कानून-व्यवस्था तथा पुलिस के समर्थन जैसे संदेश शामिल हैं।

    दोनों दलों के सांसदों ने उठाए सवाल

    इन विज्ञापनों को लेकर दोनों प्रमुख दलों के कुछ सांसदों ने सवाल उठाए हैं। उनकी आपत्ति मुख्य रूप से सरकारी धन के इस्तेमाल और विज्ञापनों की राजनीतिक शैली को लेकर है। आलोचकों का तर्क है कि सरकारी विज्ञापनों में आम तौर पर किसी विशिष्ट सरकारी नीति या जनहित कार्यक्रम की जानकारी दी जाती है, जबकि इन विज्ञापनों में राष्ट्रपति की छवि और उनकी राजनीतिक भाषा प्रमुखता से दिखाई देती है।

    व्हाइट हाउस ने आरोपों को खारिज किया

    व्हाइट हाउस ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए विज्ञापनों को ‘पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट’ (जनहित संदेश) बताया है। प्रशासन का कहना है कि ये चुनावी विज्ञापन नहीं हैं। उसके मुताबिक ट्रंप फिलहाल किसी चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं और इन विज्ञापनों में लोगों से वोट देने या किसी खास उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करने की अपील भी नहीं की गई है।

    व्हाइट हाउस ने अपने बचाव में पूर्व राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के उदाहरण भी दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में मेडिकेयर कानून को लेकर सरकारी अभियान चलाया गया था और जो बाइडेन प्रशासन के दौरान कोविड-19 टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकारी विज्ञापन प्रसारित किए गए थे।

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