
नई दिल्ली ।कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के सह-संयोजक आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) और उनके साथियों को रविवार शाम असम पुलिस (Assam Police) की हिरासत से छोड़ दिया गया। इससे पहले रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने घोषणा की थी कि अगर उन्हें रिहा नहीं किया गया तो वह सोमवार सुबह असम पहुंचेंगे और जरूरत पड़ने पर एयरपोर्ट (Airport) पर ही अपनी गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं।
रांका की रिहाई के बाद दीपके ने असम जाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह रांका के साथ पुलिस थाने में प्रदर्शन करने के लिए असम आने वाले थे। रांका ने भी दीपके की इस प्रतिक्रिया पर जवाब दिया। रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि वह सोमवार को उसी स्थान से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जहां से उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था।
रांका को गुवाहाटी में स्वयंसेवकों से मुलाकात के लिए जाना था। संगठन की ओर से बताया गया कि बैठक से पहले उन्हें और कई अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। रांका और उनके साथियों को काहिलीपाड़ा इलाके में असम पुलिस की 10वीं बटालियन के परिसर ले जाया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 35 से अधिक बताई गई है।
रांका असम के सरकारी स्कूलों की स्थिति से जुड़े मुद्दों को सामने रखने के लिए राज्य पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार स्कूलों की स्थिति और लोगों के अधिकारों से जुड़े सवालों को सामने नहीं आने देना चाहती। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
दीपके ने रांका की हिरासत की जानकारी सामने आने के बाद कहा था कि अगर उन्हें छोड़ा नहीं गया तो वह अन्य सदस्यों के साथ असम पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार किया जा सकता है। रांका की रिहाई के बाद उनके असम दौरे की जरूरत नहीं रही और उन्होंने वहां जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।
इसी बीच मुंबई में संगठन के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी विवाद सामने आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस की ओर से जारी पत्र में मौजूदा न्यायिक आदेशों और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया कि शिवाजी पार्क में सार्वजनिक सभा की अनुमति देने का अधिकार पुलिस के पास नहीं है।
प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए 26 सितंबर को आवेदन दिया गया था। अनुमति नहीं मिलने के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो गांधी जयंती के दिन मुंबई में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन 2 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
असम में रांका की हिरासत और मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े दोनों घटनाक्रमों के बीच संगठन का प्रशासन के साथ टकराव सामने आया है। एक ओर असम में हिरासत के बाद रांका को रिहा कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिलने के बाद दीपके ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस पूरे घटनाक्रम में दीपके का असम दौरा रांका की हिरासत से सीधे जुड़ा था। रांका की रिहाई के बाद दीपके ने असम जाने का फैसला वापस ले लिया, जबकि मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर उन्होंने 2 अक्टूबर को जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है।
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