
वॉशिंगटन। नासा (NASA) के चार अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) गुरुवार को महज करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंच गए। यह किसी अमेरिकी मिशन के लिए अब तक की सबसे तेज अंतरिक्ष यात्रा है। स्पेसएक्स (SpaceX) के ड्रैगन कैप्सूल से भेजे गए इस दल की कमान नासा की अंतरिक्ष यात्री जेसिका वॉटकिन्स ने संभाली।
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने नासा के इस दल को अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाया। मिशन को तीन सप्ताह की देरी का सामना करना पड़ा था, क्योंकि ड्रैगन कैप्सूल की ईंधन प्रणाली में हुए रिसाव को ठीक किया जा रहा था। प्रक्षेपण वाले दिन भी मौसम ने चिंता बढ़ाई थी। सुबह घने बादलों के कारण काउंटडाउन रुकने की आशंका बनी रही, लेकिन बाद में आसमान साफ हुआ और सुरक्षित तरीके से रॉकेट का प्रक्षेपण किया गया।
छह महीने ISS पर रहेंगे अंतरिक्ष यात्री
चारों अंतरिक्ष यात्रियों का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर करीब छह महीने का प्रवास रहेगा। हालांकि, पृथ्वी से ISS तक पहुंचने में उन्हें लगा करीब आठ घंटे का समय अमेरिकी अंतरिक्ष अभियानों के लिहाज से रिकॉर्ड है। यह स्पेसएक्स ही नहीं, बल्कि नासा सहित किसी भी अमेरिकी अंतरिक्ष संगठन के मिशन में अब तक की सबसे तेज यात्रा बताई गई है।
मिशन की यह रफ्तार अंतरिक्ष स्टेशन की उस समय मौजूद अनुकूल कक्षीय स्थिति के कारण संभव हुई। ISS की स्थिति और प्रक्षेपण के समय के बीच बेहतर तालमेल होने से अंतरिक्ष यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में सामान्य से काफी कम समय लगा।
जेसिका वॉटकिन्स ने रचा नया इतिहास
केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से देर सुबह हुए प्रक्षेपण के साथ जेसिका वॉटकिन्स ने भी इतिहास बनाया। वह पृथ्वी की कक्षा में किसी अंतरिक्ष दल का नेतृत्व करने वाली पहली अश्वेत महिला बन गई हैं।
भूविज्ञानी वॉटकिन्स का नासा के साथ लंबा अनुभव रहा है। करीब एक दशक पहले उन्होंने नासा के मंगल मिशन के क्यूरियोसिटी रोवर के साथ काम किया था। वर्ष 2022 में लंबे अंतरिक्ष प्रवास के बाद वह दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची हैं।
प्रक्षेपण के बाद वॉटकिन्स ने रेडियो संदेश के जरिए टीम और मिशन से जुड़े लोगों का आभार जताते हुए कहा, “इस शानदार सफर के लिए धन्यवाद।”
तीन अंतरिक्ष यात्रियों की पहली अंतरिक्ष यात्रा
इस दल के तीन सदस्य पहली बार अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हैं। इनमें नासा के ल्यूक डेलानी शामिल हैं, जो पहले मरीन में सेवा दे चुके हैं। कनाडा के जोशुआ कुट्रिक रॉयल कैनेडियन एयर फोर्स में कर्नल हैं, जबकि रूस के सर्गेई टेटेर्यातनिकोव पहले पनडुब्बी में सेवा दे चुके हैं।
यह चार सदस्यीय दल उन अंतरिक्ष यात्रियों की जगह लेगा, जो फरवरी से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर वैज्ञानिक और अन्य प्रयोग कर रहे हैं।
स्पेसएक्स का नासा के लिए 13वां क्रू मिशन
यह नासा के लिए स्पेसएक्स की ओर से भेजा गया 13वां चालक दल है। हालांकि, वर्ष 2020 में हुई परीक्षण उड़ान को इन मिशनों की संख्या में शामिल नहीं किया गया है। इस बार भेजे गए चार अंतरिक्ष यात्रियों के दल को ‘क्रू-13’ नाम दिया गया है।
मिशन में शामिल कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक भी एक खास वजह से चर्चा में हैं। वह पृथ्वी की कक्षा में रहते हुए पिता बनने वाले चौथे पुरुष अंतरिक्ष यात्री होंगे। उनकी पत्नी हीदर नवंबर के अंत में अपने तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली हैं।
कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि बच्चे के जन्म के समय कुट्रिक और उनके परिवार को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह क्रू-13 मिशन न केवल तेज अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रा के रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके सदस्यों से जुड़ी कई ऐतिहासिक और व्यक्तिगत उपलब्धियों के कारण भी खास बन गया है।
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