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ईरान से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की तैयारी, सऊदी अरब-कतर में भेजीं अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरियां

October 02, 2026

रियाद। ईरान (Iran) के साथ संभावित नए सैन्य टकराव की आशंका के बीच अमेरिका (America) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) और कतर (Qatar) में अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी शुरू कर दी है। अमेरिकी सेना ने दोनों देशों में एक-एक अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरी भेजी है, जिनका इस्तेमाल अहम तेल और प्राकृतिक गैस प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान के खिलाफ दोबारा बड़े सैन्य अभियान की संभावना को लेकर क्षेत्र में चिंता बढ़ रही है। सऊदी अरब और कतर को आशंका है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना सकता है।

ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा पर अमेरिका का फोकस
अमेरिका अपने दोनों सहयोगी देशों को यह भरोसा दिलाना चाहता है कि किसी संभावित क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में उनके महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जाएगी। इससे पहले सऊदी अरब और कतर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान पर बड़े सैन्य हमले की स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने पिछले महीने भी सऊदी अरब में एक अतिरिक्त पैट्रियट बैटरी तैनात की थी। इसे एक महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठान की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। वहीं कतर में भेजी गई पैट्रियट बैटरी को एक अहम प्राकृतिक गैस ठिकाने की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।

ईरान के खिलाफ कार्रवाई हुई तो सऊदी एयरस्पेस अहम
सऊदी अरब की एयरस्पेस अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यदि ईरान के खिलाफ दोबारा कोई बड़ा सैन्य अभियान शुरू होता है, तो अमेरिका को क्षेत्र में अपने अभियानों के लिए सऊदी हवाई क्षेत्र की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सऊदी अरब के तेल और अन्य ऊर्जा प्रतिष्ठानों को संभावित जवाबी कार्रवाई से बचाना अमेरिका के लिए अहम माना जा रहा है।


  • ट्रंप ने ईरान को दिया समझौते का विकल्प
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह आने वाले हफ्तों में ईरान पर फिर से बमबारी शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के सामने समझौते का विकल्प मौजूद है। उनके मुताबिक, अगर समझौता नहीं होता है तो स्थिति और खराब हो सकती है। इसी बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है। क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत, लड़ाकू विमान और सैनिक भेजे जा रहे हैं।

    तीन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की मौजूदगी संभव
    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट एयरक्राफ्ट कैरियर रविवार को सैन डिएगो से मध्य पूर्व के लिए रवाना हो चुका है। इसके नवंबर के मध्य तक क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है।

    इसके अलावा यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश और यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन पहले से ही मध्य पूर्व में मौजूद हैं। रूजवेल्ट के पहुंचने के बाद क्षेत्र में तीन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रूजवेल्ट किसी मौजूदा जहाज की जगह लेगा या उसकी तैनाती अतिरिक्त सैन्य शक्ति के तौर पर होगी।

    मरीन सैनिकों की भी तैनाती शुरू
    अमेरिका ने मरीन सैनिकों के एक बड़े समूह को भी मध्य पूर्व भेजना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इन सैनिकों के नवंबर के अंत तक क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है।

    इस तरह पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, एयरक्राफ्ट कैरियर, लड़ाकू विमान और अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के जरिए अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैयारी बढ़ा रहा है। हालांकि, इन तैनातियों का अंतिम उद्देश्य क्या होगा और क्या वास्तव में ईरान के खिलाफ नया सैन्य अभियान शुरू किया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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