
नई दिल्ली ।मेरठ (Meerut) का एक परिवार अपने लापता बेटे प्रिंस (Prince) की तलाश में सोमवार को वृंदावन(Vrindavan) स्थित संत प्रेमानंद महाराज(Sant Premanand Maharaj) के राधा केलि कुंज आश्रम((Radha Keli Kunj Ashram) पहुंचा। परिवार के सदस्य नेत्रपाल (Member Netrapal)अपनी पत्नी पूनम के साथ बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर आश्रम के बाहर दिखाई दिए। उन्होंने बेटे की वापसी की गुहार लगाई। परिजनों के मुताबिक प्रिंस 10 मई 2024 को एकांतिक वार्ता के लिए आश्रम के अंदर अकेला गया था, लेकिन वार्ता के बाद वह बाहर नहीं आया। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस में भी शिकायत की, लेकिन अभी तक उसका पता नहीं चल सका है।
नेत्रपाल ने बताया कि उनका परिवार मेरठ के इंद्रपुरम, थाना प्रतापपुर क्षेत्र का रहने वाला है। प्रिंस नीट की परीक्षा देने के बाद आठ मई 2024 को अपने माता-पिता के साथ वृंदावन आया था। अगले दिन परिवार ने एकांतिक वार्ता के लिए लाइन में लगकर पास लिया था। 10 मई को वार्ता के लिए प्रिंस अकेला अंदर गया। परिवार के बाकी सदस्य वार्ता पूरी होने के बाद बाहर आ गए, लेकिन प्रिंस उनके साथ वापस नहीं आया। पूनम के अनुसार, उन्होंने आश्रम के साधकों से बेटे के बारे में जानकारी लेने और उसकी तलाश में मदद करने की कोशिश की, लेकिन प्रिंस का कोई पता नहीं चला।
परिवार ने इसके बाद मथुरा पुलिस से शिकायत की। बेटे के लापता होने के बाद से नेत्रपाल और पूनम लगातार मेरठ और वृंदावन के बीच आ-जा रहे हैं। सोमवार को वे एक बार फिर आश्रम के बाहर बेटे की तस्वीर लेकर पहुंचे। परिजनों को उम्मीद है कि जिस तरह अनुज और मयंक की सकुशल बरामदगी हुई, उसी तरह उनका बेटा प्रिंस भी उन्हें मिल सकता है। आश्रम के बाहर पिछले कुछ दिनों से लापता बच्चों और युवाओं के परिजनों के पहुंचने का सिलसिला भी देखा जा रहा है।
इसी बीच झारखंड का 17 वर्षीय एक किशोर भी घर से बिना बताए वृंदावन पहुंच गया। वह केलि कुंज आश्रम में जाकर संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने की इच्छा जताने लगा। किशोर की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए आश्रम प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे सुरक्षित रमणरेती पुलिस चौकी ले गई और उसके परिजनों से संपर्क किया।
सोमवार को आश्रम के बाहर मेरठ के पीड़ित परिवार और वहां मौजूद कुछ भक्तों के बीच नोकझोंक भी हुई। परिवार अपने लापता बेटे की तलाश के लिए आश्रम पहुंचा था। मौके पर मौजूद पुलिस ने अभद्रता करने के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया। पिछले दो दिनों से आश्रम के बाहर इसी तरह का माहौल बना हुआ बताया गया है।
इस बीच संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चैनल चलाने वाले एक पत्रकार का पुतला भी फूंका। भक्तों ने आरोप लगाया कि पत्रकार संत की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। यह आक्रोश संत के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद सामने आ रही खबरों को लेकर बताया गया है।
आश्रम से जुड़े विवाद के बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दो गुटों में बंटे आश्रम के शिष्य परिकर की ओर से प्रचार के लिए पैसे देकर एक मशहूर हस्ती को आश्रम बुलाया गया था। उन्होंने आश्रम से जुड़े लोगों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। वहीं, प्रिंस के परिवार की प्राथमिकता अब भी बेटे की तलाश और उसकी वापसी है।
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