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शारदीय नवरात्रि 2026 में घटस्थापना से कन्या पूजन तक, मां दुर्गा की पूजा के लिए अभी जुटा लें सभी जरूरी सामग्री

October 10, 2026

नई दिल्ली ।शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) का पर्व मां दुर्गा (Maa Durga) के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी (Vijayadashami) का त्योहार मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना (Ghatasthapana) के साथ पूजा की शुरुआत होती है। इस दौरान कई श्रद्धालु अखंड ज्योति(Akhand Jyoti )भी जलाते हैं, जिसे पूरे नौ दिनों तक प्रज्वलित रखा जाता है।

नवरात्रि में व्रत रखने और देवी की आराधना करने वाले भक्तों के लिए पूजा सामग्री की व्यवस्था पहले से करना उपयोगी रहता है। घटस्थापना से लेकर हवन और कन्या पूजन तक अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों में कई वस्तुओं की जरूरत होती है। पूजा के दौरान किसी आवश्यक सामग्री की कमी न हो, इसके लिए सभी जरूरी चीजें पहले ही एकत्र की जा सकती हैं। कलश स्थापना, देवी पूजन, अखंड ज्योति और कन्या पूजन की तैयारियां इसी सूची के आधार पर की जा सकती हैं।

घटस्थापना के लिए सबसे पहले जौ उगाने के लिए मिट्टी और जौ के बीज की जरूरत होती है। इसके साथ मिट्टी, पीतल या तांबे का कलश रखा जाता है। कलश स्थापना के लिए आम के पत्ते, उसके ऊपर रखने के लिए छोटी कटोरी और कटोरी में रखने के लिए अनाज भी जरूरी हैं। पूजा में नारियल, लाल कपड़ा या चुनरी, मौली या कलावा, रोली, कुमकुम, सिंदूर और हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा अक्षत यानी साबुत चावल, साफ पानी, गंगाजल, एक सिक्का और सुपारी भी तैयार रखनी चाहिए। इन सामग्रियों से घटस्थापना की पूजा संबंधी आवश्यकताएं पूरी की जा सकती हैं।

मां दुर्गा की पूजा के लिए देवी की मूर्ति या तस्वीर और लकड़ी की चौकी की व्यवस्था करनी होती है। चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपड़ा रखा जाता है। पूजन सामग्री में रोली, कुमकुम, सिंदूर, अक्षत, ताजे फूल और फूलों की माला शामिल हैं। देवी को अर्पित करने के लिए फल, मिठाई, बताशे या अन्य प्रसाद तथा नैवेद्य भी रखा जाता है। इसके साथ सोलह श्रृंगार की सामग्री, कमलगट्टा, पंचमेवा, पान, सुपारी, लौंग, छोटी इलायची, नारियल, जायफल और जावित्री की जरूरत होती है। पूजा के लिए घी या तेल का दीपक, शुद्ध घी, धूप, अगरबत्ती, कपूर और दक्षिणा भी तैयार रखनी चाहिए।

नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति जलाने वाले श्रद्धालुओं को इसके लिए उपयुक्त पात्र, रुई की बत्ती या कलावे से बनी बत्ती और घी या तेल की व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं, हवन के लिए हवन कुंड, हवन सामग्री, कपूर और आम की लकड़ी की आवश्यकता होती है। नवग्रह हवन करने के लिए निर्धारित लकड़ी और उससे संबंधित सामग्री भी रखनी होती है। इन वस्तुओं को पहले से एकत्र करने से अनुष्ठान के समय जरूरी सामान जुटाने की परेशानी से बचा जा सकता है।


  • कन्या पूजन के लिए रोली या कुमकुम, अक्षत, फूल और मौली की जरूरत होती है। इसके अलावा कन्याओं को अर्पित करने के लिए फल, मिठाई, हलवा-पूरी या अन्य प्रसाद तथा दक्षिणा की व्यवस्था की जाती है। नवरात्रि में कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालु इन सभी वस्तुओं को अपनी तैयारी में शामिल कर सकते हैं। इस तरह घटस्थापना से लेकर देवी पूजन, अखंड ज्योति, हवन और कन्या पूजन तक की जरूरी सामग्री एक साथ जुटाकर रखी जा सकती है, जिससे पूजा की तैयारियां व्यवस्थित ढंग से की जा सकें।

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