
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी के 10-15 लोगों के प्रतिनिधिमंडल को परिसर के अंदर फाइलिंग काउंटर तक जाने की इजाज़त दे दी है, जबकि राहुल गांधी INDIA ब्लॉक के मार्च का नेतृत्व करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंच रहे हैं। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल अपनी याचिका दाखिल करने के लिए हाई-सिक्योरिटी ज़ोन के बाहर रहेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक अपना तय मार्च शुरू किया। कांग्रेस सांसद ने चुनाव आयोग के कामकाज के विरोध में कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक ‘चलो दिल्ली’ विरोध मार्च का आह्वान किया था।
इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों के साथ बैठक के लिए CJI की मंज़ूरी न मिलने के बावजूद विपक्ष ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इससे पहले दिन में, राहुल गांधी ने भी विरोध प्रदर्शन को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “लोकतंत्र के लिए मार्च। न्याय के लिए मार्च। चलो दिल्ली।” हालांकि, चुनाव आयोग के खिलाफ़ INDIA गठबंधन के कोर्ट तक विरोध मार्च की योजना के बीच, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि हर भारतीय नागरिक को कोर्ट जाने का अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े सभी के लिए खुले हैं।
INDIA गठबंधन की मीटिंग की रिक्वेस्ट का जवाब देते हुए CJI ने कहा कि उन्हें रविवार को एक चिट्ठी मिली थी और उन्होंने उसी रात उसका जवाब दे दिया था, जिसमें बताया गया था कि वे डेलीगेशन से क्यों नहीं मिल पाएंगे। NHRC के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए CJI सूर्य कांत ने कहा, “मुझे कल मीटिंग की रिक्वेस्ट के बारे में एक चिट्ठी मिली थी और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन वजहों का ज़िक्र किया गया था जिनकी वजह से मैं मिल नहीं पाऊंगा।”
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