
नई दिल्ली । सीइसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का मार्च (INDIA bloc’s march against CEC Gyanesh Kumar) सुप्रीम कोर्ट पहुंचा (Reached Supreme Court) ।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित इंडिया ब्लॉक के कई नेता सोमवार को एक बस में बैठकर सुप्रीम कोर्ट की ओर रवाना हुए । दूसरी ओर बस के किनारे-किनारे कार्यकर्ता भी भारी तदाद में चल रहे हैं। कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक मार्च लेकर जाएगी । इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट तक होने वाले मार्च और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। यह विरोध लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए है। यह आम लोगों के वोट देने के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए है। वोट सुरक्षित रहेगा तभी लोकतंत्र बचेगा और लोकतंत्र बचेगा तभी संविधान और देश बचेंगे। यह राहुल गांधी के नेतृत्व में देश को बचाने की लड़ाई है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक ने कहा कि हम आगे बढ़ते रहेंगे और अपनी मांग पर मजबूती से डटे रहेंगे। यह सिर्फ विपक्ष की मांग नहीं है। यह पूरे भारत में उन सभी लोगों की मांग है जो संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। हम पूरी दृढ़ता के साथ इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे देश को पता होना चाहिए कि गृह मंत्रालय के तहत क्या हो रहा है और युवा पुरुषों, महिलाओं और पत्रकारों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने दिल्ली पुलिस के उस फैसले पर तंज कसा, जिसमें जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई। उन्होंने कहा कि अपनी बात लेकर इंसान कहां जाए? कोई डेलिगेशन है, कोई संस्था है। इस देश में अपनी बात रखने की मौलिक आजादी है। प्रोटेस्ट करना, धरना देना, पदयात्रा करना ये सब अपनी बात मनवाने के लोकतांत्रिक तरीके हैं। अब जंतर-मंतर को हटा दिया, तो मुझे बता दीजिए, कहां पर जाएं? देश की राजधानी में वो कौन सी जगह है, जहां जाकर लोग अपनी मांगें रख सकते हैं? इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि आज पूरा देश सड़कों पर है। राहुल गांधी के नेतृत्व में तमाम कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरे देशभर के यहां आए हुए हैं। उन सब की एक ही मांंग है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी बात को सुने। सीईसी ने जो काम किया है वो गैरकानूनी है, गैर संवैधानिक है और उनको अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ” जो कमजोर लोग होते हैं वो पुलिस को आगे करते हैं। वो जानते हैं कि वो गलत हैं। वो अपनी गलती को छिपाने के लिए फोर्स को आगे कर रहे हैं।”जंतर-मंतर को लेकर उन्होंने कहा, “जंतर मंतर ही तो खत्म हुआ है। लोकतंत्र में धरने का और प्रदर्शन के अधिकार को तो नहीं रोका गया है। जहां धरना दे देंगे, वही जंतर-मंतर हो जाएगा।
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