img-fluid

12 क्रेन और 250 से ज्यादा कर्मचारियों-मजदूरों की मदद से उतरेगा रिएक्टर, 308 पहियों वाले ट्रेलर पर लदी है मशीन

October 22, 2026

लखीमपुर। बेल्जियम (Belgium) से भारत लाया गया विशालकाय रिएक्टर अब अपने अंतिम पड़ाव लखीमपुर खीरी पहुंच गया है। कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल (Balrampur Chini Mill) परिसर में इसकी स्थापना की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 308 पहियों वाले विशाल हाइड्रोलिक ट्रेलर पर लदी इस मशीन को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इतने भारी-भरकम रिएक्टर को ट्रेलर से उतारकर निर्धारित स्थान पर कैसे स्थापित किया जाएगा।

रिएक्टर को उतारने के लिए चीनी मिल प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। इसके लिए 12 क्रेनों की मदद ली जाएगी। साथ ही कर्मचारियों और मजदूरों की बड़ी टीम तैनात रहेगी। जिस मशीन को भारत लाने के लिए कई फुट ओवरब्रिज हटाने पड़े और नए रास्ते तैयार करने पड़े, उसे उतारने और स्थापित करने की प्रक्रिया भी बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

बेल्जियम से आया करीब 110 फुट लंबा और 26 फुट चौड़ा यह रिएक्टर बुधवार सुबह खीरी जिले में पहुंचा। बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए महत्वपूर्ण यह मशीन करीब 160 दिनों के सफर और तीन राज्यों के दर्जनों जिलों से गुजरने के बाद अपने गंतव्य तक पहुंची है। इसे ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से 15 मई को रवाना किया गया था। वहां से यह ओडिशा, झारखंड और बिहार होते हुए चंदौली के रास्ते उत्तर प्रदेश पहुंचा और फिर विभिन्न जिलों से गुजरकर लखीमपुर खीरी आया।


  • 12 क्रेन मिलकर उठाएंगी भारी-भरकम रिएक्टर

    रिएक्टर को ट्रेलर से उतारने और निर्धारित स्थान पर स्थापित करने के लिए चीनी मिल प्रबंधन ने विशेष व्यवस्था की है। इस काम में 12 क्रेनें लगाई जाएंगी। इनके संचालन और पूरी प्रक्रिया में 60 कर्मचारियों तथा 150 मजदूरों की मदद ली जाएगी। इसके अलावा करीब 40 मजदूर ट्रेलर के साथ चल रहे हैं। इस तरह उतारने और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी-मजदूर जुटे हुए हैं।

    प्रबंधन के मुताबिक, रिएक्टर को उतारने की प्रक्रिया के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। अनुमान है कि 23 या 24 अक्टूबर को ट्रेलर चीनी मिल परिसर में दाखिल हो जाएगा। इसके बाद मशीन को उतारने और स्थापित करने का काम आगे बढ़ेगा।

    ट्रेलर के पहियों की संख्या को लेकर भी रही चर्चा

    रिएक्टर के परिवहन के दौरान ट्रेलर के पहियों की संख्या को लेकर अलग-अलग सूचनाएं सामने आती रहीं। शुरुआत में 308 पहियों वाले ट्रेलर की चर्चा हुई। बाद में खबरें आईं कि झारखंड तक पहुंचने के दौरान पहियों की संख्या 308 थी, जिसके बाद करीब 50 पहिए कम कर दिए गए। मोड़ पर ट्रेलर को घुमाने में आ रही दिक्कतों के चलते पहियों की संख्या घटाए जाने की बात भी सामने आई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

    इन चर्चाओं के बावजूद विशालकाय ट्रेलर और उस पर लदे रिएक्टर को देखने के लिए लोगों का उत्साह बना रहा। सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए।

    बुधवार को धौरहरा तहसील के सिसैया चौराहे से जिले में प्रवेश करने के बाद ट्रेलर को राष्ट्रीय राजमार्ग-730ए पर छाउछ में खड़ा किया गया। यहां से इसे गुरुवार सुबह कुंभी चीनी मिल पहुंचाया जाना था।

    ट्रेलर के साथ चल रही है विशेष टीम

    रिएक्टर को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तीन सहायक ट्रक, तीन एस्कॉर्ट वाहन और करीब 40 कर्मचारियों की टीम साथ चल रही है। रास्ते में बिजली के लटकते तारों को उठाने और पेड़ों की डालियां हटाने के लिए कर्मचारियों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

    सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस, सदर कोतवाली पुलिस, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और बिजली विभाग की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ काम किया। रिएक्टर के आकार और ट्रेलर की लंबाई-चौड़ाई को देखते हुए रास्ते में कई तरह की व्यवस्थाएं करनी पड़ीं।

    बलरामपुर शुगर यूनिट, कुंभी के महाप्रबंधक डॉ. सुनील कुमार यादव ने बताया कि यह मशीन ‘साइक्लाइजेशन रिएक्टर’ है। इसमें लैक्टिक एसिड से पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) तैयार किया जाएगा। पीएलए का इस्तेमाल बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक बनाने में होता है।

    3,080 करोड़ रुपये से बन रहा देश का पहला औद्योगिक बायोप्लास्टिक प्लांट

    लखीमपुर खीरी जिले की कुंभी चीनी मिल में देश का पहला औद्योगिक स्तर का पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) यानी बायोप्लास्टिक प्लांट स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 3,080 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

    इसी परियोजना के लिए बेल्जियम से रिएक्टर मंगाया गया था, जो पहले ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा और फिर सड़क मार्ग से लखीमपुर खीरी लाया गया। मिल अधिकारियों के मुताबिक, मशीन के पहुंचने का लंबे समय से इंतजार था। इसके पहुंचने के बाद स्थापना संबंधी काम शुरू किया जाएगा।

    अधिकारियों ने बताया कि रिएक्टर को जल्द स्थापित करने की योजना है और नवंबर में प्लांट चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्लांट शुरू होने से बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।

    Share:

  • पाकिस्तान-मालदीव की बढ़ती नजदीकी, समुद्री सुरक्षा से AI तक कई समझौते

    Thu Oct 22 , 2026
    नई दिल्ली। हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में पाकिस्तान और मालदीव ने कई अहम समझौते किए हैं। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Maldives, President Mohamed Muizzu) की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, पुलिस प्रशिक्षण, व्यापार, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved