
लखनऊ । इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम की सजा निलंबित की (Suspended Sentences of Aazam Khan and Abdullah Aazam) ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड रखने के मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खां तथा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत दी है। अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी । हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई । ऐसे में इस मामले में जमानत मिलने के बावजूद आजम खां और अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई अन्य मामलों में उनकी कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगी। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने दोनों की पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
याचिकाओं में अधीनस्थ अदालतों द्वारा दो पैन कार्ड रखने के मामले में सुनाई गई सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी गई थी। अभियोजन पक्ष का मामला कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथियों का उल्लेख करने वाले दूसरे पैन कार्ड को प्राप्त करने और उसका इस्तेमाल करने से संबंधित है। आरोपों में चुनावी नामांकन पत्रों में इस पैन कार्ड के कथित इस्तेमाल का पहलू भी शामिल है। आजम खां की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथियों का उल्लेख करने वाले दूसरे पैन कार्ड को बनवाने और उसके इस्तेमाल से जुड़ा है। आरोपों में चुनावी नामांकन पत्रों में दूसरे पैन कार्ड के कथित इस्तेमाल का पहलू भी शामिल है। आजम खां और अब्दुल्ला आजम ने निचली अदालत के दोषसिद्धि और सजा के फैसले को आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसी क्रम में दोनों ने सजा निलंबित करने और जमानत देने की मांग की थी।
दोषसिद्धि पर रोक और सजा निलंबन में अंतर हाईकोर्ट ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर की है, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है। ऐसे में दोषसिद्धि का आदेश बरकरार रहेगा। पुनरीक्षण याचिकाओं पर अंतिम फैसला अलग से होना है। वहीं, इस मामले में जमानत मिलने के बावजूद दोनों की जेल से रिहाई अन्य लंबित मामलों में उनकी कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगी। वहीं, जमानत और सजा निलंबन के बावजूद जेल से बाहर आने का रास्ता अन्य लंबित मामलों में राहत मिलने पर ही साफ हो सकेगा।
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