
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोकतंत्र को कमजोर करने और विपक्ष को डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एसआईआर और मतगणना को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया।
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र में ‘चोरी सरकारें’ हैं। भाजपा को सत्ता से बेदखल किए बिना हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी हमें डराने के लिए ईडी जैसी सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं क्योंकि हम सभी जानते हैं कि कैसे लड़ना है। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- पीएम मोदी हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं, वह लोगों के वोट छीनने की कोशिश कर रहे हैं। रामलीला मैदान की रैली में कहा मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- अगर मोदी जाएंगे तो ही लोकतंत्र बच सकता है।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी रैली में वोट चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी की शुरुआत बिहार से हुई थी। तेजस्वी ने सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘दो नंबरी’ बताया। तेजस्वी के बयान से साफ रहा कि विपक्षी गठबंधन मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को राजनीतिक बहस के केंद्र में रखना चाहता है।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने रामलीला मैदान से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। ममता ने कहा “हम हारे नहीं, हराए गए हैं।” उन्होंने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाया कि राज्य इसके कारण प्रभावित हुआ है। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतगणना को हाईजैक करने का आरोप भी लगाया और उन्हें पद से हटाने की मांग की। ममता बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया भाजपा की मदद करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर के लिए जुटाए गए धन को लेकर भी आरोप लगाए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved