
हम17-18 नहीं 25 विधायक ही असली नेशनल कांफ्रेंस
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) की अंदरूनी कलह अब खुली बगावत (Rebellion) में तब्दील हो गई है। पार्टी के असंतुष्ट खेमे ने दो टूक ऐलान किया है कि हम 25 विधायक ही ‘असली नेशनल कांफ्रेंस’ हैं। बागियों ने दावा किया कि हम संख्याबल में 17 या 18 नहीं, बल्कि पूरे 25 विधायक हैं और सभी लामबंद हैं। अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने सरकार बचाने और पार्टी को टूटने से रोकने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बागी विधायकों ने 14 दिन का अल्टीमेटम देते हुए समर्थन वापसी की चेतावनी दी।
इन बागियों मेें विधायक मुबारक गुल, नजीर गुरेजी, मुजफ्फर खान, अर्जुनसिंह राजू, फारूक शाह, बशीर वीरी, अब्दुल मजीद लारमी, जावेद अहमद, एजाज जान, जावेद इकबाल, सज्जाद शफी ऐसे प्रमुख नाम हैं, जो पार्टी की वर्तमान रीति-नीति से खफा हैं और बगावती तेवर अपनाए हुए हैं। इन्होंने अनुच्छेद 370 की बहाली के वादे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार को हटाने के साथ ही कैबिनेट पुनर्गठन को लेकर आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। इन विधायकों ने कहा कि हमें बागी या असंतुष्ट न कहा जाए। हमने पिछले तीन दशकों से नेकां को खून-पसीने से सींचा है, इसलिए हम ही असली नेशनल कांफ्रेंस हैं। हम सभी ने एकजुट रहने की कसम खाई है। हम पार्टी को कुछ चंद लोगों की कॉरपोरेट इकाई नहीं बनने देंगे।
कल सांसद देंगे इस्तीफा
नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी कल अपने पिता की पुण्यतिथि पर आयोजित एक रैली में नेकां सांसद के पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। आगा रुहुल्लाह मेहदी के घर के प्रवेश द्वार पर दो बड़े बैनर लगे हैं। एक पर लिखा है, ‘वादा कुर्सी से बड़ा हैÓ, जबकि दूसरे पर लिखा है, ‘किरदार की सियासत, उसूलों की सियासत।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved