
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) सौ प्रतिशत बायोएथेनॉल आधारित टोयोटा इनोवा कार (Toyota Innova Car that runs on 100% Bioethanol) 26 नवंबर को लॉन्च करेंगे (Will launch on November 26) ।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत तेजी से हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘पावरिंग द नेक्स्ट माइल’ कॉन्क्लेव में बोलते हुए उन्होंने घोषणा की कि 26 नवंबर को टोयोटा की इनोवा का 100 प्रतिशत बायोएथेनॉल आधारित मॉडल लॉन्च किया जाएगा, जो पेट्रोल के बजाय पूरी तरह एथेनॉल पर चलेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वर्तमान में एथेनॉल की कीमत करीब 75 रुपए प्रति लीटर है, जबकि पेट्रोल करीब 120 रुपए प्रति लीटर का है। उन्होंने बताया कि यह वाहन चलते समय अपनी लगभग 60 प्रतिशत शक्ति बिजली से उत्पन्न करेगा। ऐसे में औसत परिचालन लागत की गणना करें तो इसका खर्च पेट्रोल की तुलना में लगभग 25 से 30 रुपए प्रति लीटर के बराबर होगा।
गडकरी ने कहा, “इसी महीने 26 नवंबर को मैं टोयोटा की चार पहिया वाहन इनोवा लॉन्च करने जा रहा हूं, जो पेट्रोल की जगह पूरी तरह से 100 प्रतिशत बायोएथेनॉल पर चलेगी। एथेनॉल की कीमत 75 रुपए प्रति लीटर है, जबकि पेट्रोल की कीमत 120 रुपए प्रति लीटर है। यह वाहन चलते समय अपनी 60 प्रतिशत ऊर्जा बिजली से उत्पन्न करेगा। इसलिए, पेट्रोल की तुलना में औसत आधार पर गणना करने पर, प्रभावी लागत 25-30 रुपए प्रति लीटर के बराबर होगी।” उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को ईंधन खर्च में बड़ी बचत होगी और साथ ही प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरित, सुरक्षित और समावेशी तकनीक देश और आम लोगों दोनों के लिए लाभकारी साबित होगी।
नितिन गडकरी ने आगे बताया कि उन्हें बजाज और टीवीएस के पहले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को लॉन्च करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि शुरुआती इलेक्ट्रिक स्कूटरों की रेंज लगभग 125 किलोमीटर थी, लेकिन बाद में कई स्टार्टअप कंपनियों ने लागत कम करने के लिए बैटरी क्षमता घटा दी और 70 किलोमीटर रेंज वाले वाहन 70,000 से 72,000 रुपए की कीमत पर बाजार में उतारे। उन्होंने कहा कि उस समय कंपनियों का मानना था कि कम कीमत वाले वाहन बिक्री बढ़ाने में मदद करेंगे। हालांकि अब तकनीक और बैटरी क्षमता दोनों में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगिता बढ़ रही है।
गडकरी ने आगे कहा कि उन्हें देश की पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक बस और इलेक्ट्रिक ट्रक को हरी झंडी दिखाने का अवसर भी मिला। उन्होंने बताया कि जब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत हुई थी, उस समय लिथियम-आयन बैटरी की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवाट-घंटा थी, जो अब घटकर 50 डॉलर प्रति किलोवाट-घंटा रह गई है। हालांकि उन्होंने कहा कि हाल के समय में बैटरी कीमतों में गिरावट की रफ्तार थम गई है। इसका मुख्य कारण बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि बैटरी उत्पादन और कच्चे माल की उपलब्धता उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ते आकर्षण का सबसे बड़ा कारण उनकी कम ऑपरेटिंग कॉस्ट है। उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च काफी कम आता है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय में प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलता है। गडकरी ने जोर देकर कहा कि भारत को ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने, प्रदूषण घटाने और स्वदेशी एवं वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम करना होगा। बायोएथेनॉल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य हरित प्रौद्योगिकियां इस परिवर्तन की प्रमुख आधारशिला बनने जा रही हैं।
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