
नेशनल हाईवे अब अपनी गलती सुधारेगा
इंदौर-मुंबई मार्ग पर आए दिन लगता है जाम, सबसे ज्यादा पिगडम्बर क्षेत्र में आती है समस्या
इंदौर। नेशनल हाईवे (National Highway) अब अपनी गलती सुधारने जा रहा है। दरअसल, राऊ फ्लायओवर ( Rau Flyover) की ही लम्बाई अगर बढ़ा दी जाती तो पिगडम्बर क्षेत्र (Pigambar Region) में लगने वाले जाम से राहत मिलती। मगर राऊ फ्लायओवर का निर्माण ही घटिया हुआ, जिसकी अभी मरम्मत ही चल रही है। अब इससे 400 मीटर दूर एक नए एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जो कि सिक्स लेन रहेगा और लम्बाई 2.1 किलोमीटर होगी। इससे इंदौर-मुंबई राजमार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। इस क्षेत्र में स्कूल, कॉलेज, होटल, मैरिज गार्डन से लेकर कई तरह की गतिविधियां लगातार बढऩे के कारण यातायात जाम रहता है और दुर्घटनाएं भी होती हैं।
नेशनल हाईवे द्वारा जहां बायपास पर फ्लायओवरों का निर्माण करवाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ सडक़ों और ब्रिजों के कामों में घटिया मटेरियल इस्तेमाल करने और सही मॉनिटरिंग ना होने से लगातार शिकायतें भी मिलती रही है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण राऊ फ्लायओवर है, जो 6 माह बाद ही उखड़ गया, जिसकी मरम्मत बीते तीन महीने से नेशनल हाईवे द्वारा करवाई जा रही है। पहले तो बड़े-बड़े गड्ढे बारिश में होने के चलते पेवर ब्लॉक लगवा दिए थे और उसके बाद ब्रिज की पूरी तरह से मरम्मत करवाना पड़ रही है। दूसरी तरफ अब नेशनल हाईवे को नए एलिवेटेड कॉरिडोर की मंजूरी भी मिली है, जो पिगडम्बर-धामनोद प्रोजेक्ट के नाम से है, जिसमें राऊ के फ्लायओवर से लगभग 400 मीटर दूर यह एलिवेटेड कॉरिडोर निर्मित होगा, जो 2 किलोमीटर लम्बा रहेगा, जिससे पिगडम्बर-धामनोद बायपास और सिरसोदिया जंक्शन पर निर्माण के चलते राहत समस्या से राहत मिल सकेगी। हालांकि जानकारों का कहना है कि अगर नेशनल हाईवे राऊ फ्लायओवर को ही एलिवेटेड कॉरिडोर की तरह निर्मित करता और इसकी लम्बाई बढ़ा देता तो यह अतिरिक्त एलिवेटेड कॉरिडोर बनाना ही नहीं पड़ता और लागत भी कम आती। अब इस कॉरिडोर के बनने से पिगडम्बर क्षेत्र में जाम के साथ-साथ दुर्घटनाओं से भी राहत मिलेगी। एनएच-52 पर एलिवेटेड और फ्लायओवर के प्रोजेक्ट पिछले दिनों ही मंजूर हुए हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved