नई दिल्ली। बढ़ते तलाक और घरेलू हिंसा (Divorce and domestic violence) के मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के सांसद मालविंदर सिंह कंग (Malvinder Singh Kang) ने संसद में बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि विवाह से पहले लड़कों का मेडिकल और डोप टेस्ट अनिवार्य करने के लिए कानून बनाया जाए, ताकि शादी के बाद होने वाले विवादों और हिंसा को कम किया जा सके।
जीरो आवर के दौरान बोलते हुए कंग ने कहा कि भारतीय समाज में शादी से पहले लड़की की पूरी जांच-पड़ताल होती है, लेकिन लड़कों के मामले में ऐसा नहीं होता। उनका कहना था कि अगर विवाह प्रमाणपत्र जारी करने से पहले लड़कों का स्वास्थ्य और नशे से जुड़ा परीक्षण अनिवार्य कर दिया जाए, तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
सांसद का बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें कथित तौर पर एक युवक नशे की हालत में लंबे समय तक एक ही जगह खड़ा दिखाई देता है। इस तरह की घटनाओं को उन्होंने सामाजिक चिंता का विषय बताया।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2025 में करीब 2.25 लाख मामले दर्ज हुए, जिनमें दहेज उत्पीड़न और पति द्वारा क्रूरता के मामले प्रमुख रहे। वहीं नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक 18 से 49 वर्ष की लगभग 29.3 प्रतिशत महिलाएं किसी न किसी प्रकार की घरेलू हिंसा का सामना करती हैं, जिनमें कई मामलों में शराब और नशा अहम कारण माना जाता है।
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