
इंदौर। भागीरथपुरा में हुए जलकांड में मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए आज इंदौर आ रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। कांग्रेस द्वारा अभय प्रशाल में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को राहुल गांधी से मिलाने के लिए आयोजित प्रस्तावित सामाजिक सम्मेलन हेतु प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने इस संबंध में प्रशासन को विधिवत पत्र सौंपा था, जिस पर विचार के लिए कांग्रेस पदाधिकारियों को करीब चार घंटे तक बैठाए रखा गया।
इसके बाद प्रशासन ने यह कहते हुए अनुमति देने से मना कर दिया कि 18 जनवरी को शहर में एक बड़े मैच का आयोजन होना है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अभय प्रशाल में प्रस्तावित सामाजिक सम्मेलन की जिम्मेदारी कांग्रेस की ओर से शोभा ओझा को सौंपी गई थी, लेकिन वे कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दिला सकीं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दे रहा, ताकि राहुल गांधी इंदौर आकर आम नागरिकों और पीडि़त परिवारों से सीधे संवाद न कर सकें।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन नहीं चाहता कि राहुल गांधी भागीरथपुरा जलकांड में मृतकों के परिजनों से मिलकर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करें और जनता के बीच सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठे। कांग्रेस ने प्रशासन के इस निर्णय को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध जताया।
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