
नई दिल्ली। शुक्रवार की देर रात घरेलू एलपीजी सिलेंडर (LPG cylinder) की कीमतों में सरकार ने इजाफा किया। घरेलू सिलेंडर 60 रुपये महंगा हुआ, जबकि कॉमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये बढ़ा। इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य स्रोतों से कच्चे तेल के आयात को 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है।
समस्या की वजह
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई। इसके बाद ईरानी रक्षक बलों (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते को बंद करने का ऐलान किया। यह मार्ग दुनिया के कुल तेल आयात का लगभग 20 प्रतिशत ले जाता है।
भारत की आपूर्ति प्रभावित
खाड़ी देशों ने भारत को सप्लाई किए जाने वाले कच्चे तेल को आधा कर दिया। एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। 2025 में भारत ने कुल 25 मिलियन टन एलएनजी आयात किया, जिसमें 14 मिलियन टन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आया। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया उन देशों में शामिल हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक एलएनजी आयात करते हैं।
एलपीजी की स्थिति
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा भंडार में सुधार हो रहा है। हालांकि एलपीजी की स्थिति को लेकर चिंता है। कतर ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मार्ग पूरी तरह खुलता है, वह एलपीजी सप्लाई शुरू कर देगा।
ईरान ने हाल ही में कहा है कि वह अपने पड़ोसी देशों पर कोई हमला नहीं करेगा। भारत के नजरिए से अच्छी खबर यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से कार्गो की आपूर्ति शुरू हो गई है।
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