
बारामती । एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार (NCP (SP) chief Sharad Pawar) ने कहा कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बावजूद (Despite Sonam Wangchuk being admitted to the Hospital) आंदोलन बिना रुके जारी रहेगा (Agitation will continue Uninterrupted) ।
मीडिया से बातचीत करते हुए पवार ने कहा, “हमें उम्मीद थी कि वांगचुक को पांच या छह दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा और ठीक वैसा ही हुआ है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्हीं की थी, लेकिन वे इसे उस सावधानी से नहीं संभाल पाए जिसकी इसे जरूरत थी, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों के बावजूद केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी रही। इसीलिए अन्य राजनीतिक दल इस आंदोलन के समर्थन में आगे आए हैं।” पवार ने इस मुद्दे पर विपक्ष के एकजुट रुख पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता, सांसद सुप्रिया सुले और अन्य दलों के प्रतिनिधि प्रदर्शनकारियों की मांगों के प्रति समर्थन व्यक्त करने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध स्थल पर गए थे।
पवार ने कहा, “जब सरकार को लगा कि यह मामला उसके नियंत्रण से बाहर जा रहा है, तब उसने गिरफ्तारी का रास्ता अपनाया। अब आगे क्या होता है, यह देखना होगा। भले ही सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया हो, लेकिन यह आंदोलन नहीं रुकेगा। उनकी मांग पूरी तरह जायज है और यह छात्रों के हित में उठाई जा रही है।” उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “आप 20 दिनों से दिल्ली में थे, लेकिन उनसे मिलने का समय नहीं निकाल सके। यह आंदोलन जारी रहेगा और संसद का आगामी सत्र इसी मुद्दे के साथ शुरू होगा।”
एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि जब यह साफ हो गया कि वांगचुक अपनी भूख हड़ताल नहीं छोड़ेंगे, तो “घबराई हुई” केंद्र सरकार ने उन्हें जबरदस्ती विरोध स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार इसके जरिए असल में क्या संदेश देना चाहती है कि वे आंदोलन को कुचल देंगे, लेकिन आंदोलनकारियों की मांगें नहीं मानेंगे। ऐसी जबरदस्ती करने के बजाय सरकार निष्क्रिय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा क्यों नहीं मांगती? लोकतंत्र के नजरिए से सरकार का यह अहंकार बेहद खतरनाक है!”
महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया और पुलिस की कार्रवाई को आने वाले विरोध मार्च से जोड़ा। पटोले ने दावा किया, “प्रदर्शनकारियों को 20 तारीख को संसद तक मार्च करना था। इसीलिए सरकार ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवा पीढ़ी की जिंदगी बर्बाद कर रही है। हाल ही में जारी नीट के नतीजों की मार्कशीट में भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। यह पूरी तरह से एक नया घोटाला है। यह सरकार साधारण परीक्षाएं भी पारदर्शी तरीके से नहीं करवा सकती। पटोले ने कहा, “युवा नागरिकों के मन में पनप रहा गुस्सा वांगचुक के आंदोलन के जरिए जाहिर हो रहा था। प्रधानमंत्री अमेरिका जैसी विदेशी ताकतों के सामने तो झुक जाते हैं, लेकिन जब अपने ही देशवासियों की बात आती है, तो वे दमन का रास्ता अपनाते हैं।”
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