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सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स के लिए एयर इंडिया-इंडिगो की सभी उड़ानें रद्द

October 13, 2026

नई दिल्ली: सऊदी अरब (Saudi Arabia) में सुरक्षा हालात को देखते हुए एयर इंडिया ने 17 अक्टूबर 2026 तक रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं. वहीं इंडिगो ने एक और एयरपोर्ट मदीना के लिए भी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी है. ये फैसला यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बंद रहने की वजह से लिया गया है. एयरलाइन कंपनी ने कहा है कि वो इस रीजन में हो रही गतिविधियों पर नजर रख रही है और फ्लाइट ऑपरेशन फिर से शुरू करने से पहले हालात का जायजा ले रही है. एयर इंडिया ने कहा है कि फ्लाइट कैंसिल होने से अफेक्टेड पैसेंजर्स को पूरा रिफंड दिया जा रहा है.

रियाद एयरपोर्ट क्यों बंद किया गया है?
12 अक्टूबर को जारी ‘नोटिस टू एयर मिशन्स’ (NOTAM) के मुताबिक, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 17 अक्टूबर को 2100 GMT तक बंद रहेगा. एविएशन अधिकारियों ने एयरपोर्ट की सुविधाओं की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारी सुनिश्चित करने की जरूरत का हवाला दिया है. ये हवाईअड्डा 10 और 11 अक्टूबर को हुए हमलों के बाद बंद किया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, इन घटनाओं में कई लोग हताहत हुए; एक हमले में करीब 14 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए. एक और घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए. इन घटनाओं ने पूरे मिडिल ईस्ट में सिविल एविएशन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.


  • इंटरनेशनल एयरलाइंस के शेड्यूल में बदलाव
    सुरक्षा के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए कई इंटरनेशनल एयरलाइंस ने अपने ऑपरेशन में बदलाव किया है. लुफ्थांसा ग्रुप ने 16 अक्टूबर तक रियाद के लिए अपनी सर्विस रोक दी है, जबकि एयर फ्रांस ने अक्टूबर के आखिर तक फ्लाइट कैंसिल करने का फैसला बढ़ाया है. एतिहाद एयरवेज ने भी सऊदी अरब के लिए उड़ानें रोकने की अवधि बढ़ा दी है. डेल्टा एयर लाइन्स ने अपनी अटलांटा-रियाद सर्विस शुरू करने की तारीख 23 अक्टूबर से बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी है.

    इस बीच, US फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने अमेरिकी एयरलाइंस को सलाह दी है कि वो सऊदी अरब के लिए या उसके ऊपर से उड़ान भरते समय सावधानी बरतें. यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने भी मिसाइल और ड्रोन के खतरों के बीच इलाके के एयरस्पेस के लिए चेतावनी का दायरा बढ़ाया है.

    एयर ट्रैवल में रुकावटें जारी रह सकती हैं
    कई एविएशन एनालिस्ट ने ज्यादा जोखिम वाले इलाकों से बचने के लिए अल्टरनेट रूट्स का सुझाव दिया है. हालांकि रास्ता बदलने से जेट फ्यूल का खर्च बढ़ सकता है, ट्रैवल टाइम लंबा हो सकता है और क्रू की शेड्यूलिंग मुश्किल हो सकती है. चूंकि सऊदी अरब यूरोप और एशिया के बीच एक अहम कड़ी है, इसलिए लंबे समय तक रुकावटें रहने से इस इलाके के बाहर भी इंटरनेशनल ट्रैवल और एयरलाइन कनेक्टिविटी पर असर पड़ सकता है.

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