वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका (Iran-America) के बीच जारी संघर्ष के बीच संभावित युद्धविराम (Iran-America) की उम्मीद जगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान (Pakistan) समेत कई देशों की मध्यस्थता से 45 दिनों के सीजफायर प्लान पर बातचीत शुरू हो गई है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बना हुआ है।
45 दिन के सीजफायर का प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक दो चरणों वाला प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है—
पहला चरण: 45 दिन का अस्थायी युद्धविराम
दूसरा चरण: स्थायी शांति समझौते पर बातचीत
बताया गया है कि जरूरत पड़ने पर सीजफायर की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
किन देशों की मध्यस्थता?
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के अलावा तुर्किये और मिस्र भी दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है कि संघर्षविराम के प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ईरान की शर्तें
सूत्रों के अनुसार ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए कुछ मांगें रखी हैं, जिनमें
युद्ध का हर्जाना
सुरक्षा की गारंटी
कुछ प्रतिबंधों में राहत
जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बातचीत अहम मानी जा रही है।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जल्द समझौता होने की संभावना है, लेकिन अगर ईरान ने तेजी नहीं दिखाई तो हमले तेज किए जा सकते हैं। उन्होंने जलमार्ग खुला रखने को लेकर भी सख्त रुख दिखाया।
ईरान का पलटवार
ईरान के संस्कृति मंत्री सैयद रजा सालिही-अमीरी ने ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि ईरानी समाज उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने कहा कि होर्मुज दुनिया के लिए खुला है, लेकिन ईरान के दुश्मनों के लिए नहीं।
कुल मिलाकर, 45 दिन के संभावित युद्धविराम पर बातचीत ने तनाव के बीच उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन शर्तों और भरोसे की कमी के कारण स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved