
नई दिल्ली: पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद अब बीजेपी ने मिशन पंजाब को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब हर महीने पंजाब जाएंगे. वह पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ यात्रा की शुरुआत करेंगे. पंजाब में अगले साल फरवरी में उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर के साथ विधानसभा चुनाव होने हैं. बाकी चार राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं लेकिन पंजाब में बीजेपी अपनी जमीन मजबूत करना चाहती है.
जानकारी के मुताबिक, अमित शाह का मिशन पंजाब मई महीने से शुरू हो जाएगा. मई में वह पंजाब के दौरे पर जाएंगे. इस दौरान पूरे पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ बीजेपी की यात्राओं की शुरुआत भी की जाएगी. इस यात्राओं में अलग-अलग समय पर अलग-अलग जगहों पर बीजेपी के राज्य और केंद्र के बड़े नेता भी समय समय पर जुड़ेंगे. बीजेपी नेताओं जनता को ये भी बताएंगे की चूंकि पंजाब बॉर्डर राज्य है लिहाजा बीजेपी सरकार बनने पर डबल इंजन सरकार के मार्फत सीमा से ड्रग्स की तस्करी पर भी नकेल लगाने में मदद मिलेगी.
दरअसल, बीजेपी चुनावों से पहले ड्रग्स को एक बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है इसलिए इसके खिलाफ जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा. बीजेपी नेताओं का कहना है कि अमित शाह ने पूरे देश में ड्रग्स के खिलाफ लडाई छेड़ी हुई है ऐसे में पंजाब को भी ड्रग्स मुक्त किया जाएगा. पार्टी को लगता है कि पंजाब में नशे की लत के चलते लाखों घर बर्बाद हुई, युवाओं में इस लत के चलते परिवार टूट रहे हैं.
बीजेपी का मानना है कि इस अभियान से उनकों लोगों का समर्थन और साथ मिलेगा साथ ही पंजाब सरकार की ड्रग्स पर नकेल कसने को लेकर नाकामी को भी जनता के सामने लाया जाएगा. इस यात्रा के जरिए राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार को इस मुद्दे पर एक्सपोज करने की तैयारी है. दरअसल अमित शाह लंबे समय से पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ यात्रा निकालने की योजना पर काम कर रहे हैं.
2016 में बीजेपी अकाली गठबंधन सरकार के समय भी बतौर पार्टी अध्यक्ष उन्होंने यह यात्रा निकालने का फैसला किया था लेकिन तब अंदरूनी कारणों से इस फैसले को टाल दिया गया था. 2022 में आम आदमी पार्टी ने भी ड्रग्स को विधानसभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनाया था और उसकी जीत के पीछे इसे भी एक बड़ा कारण माना गया था. पंजाब में बीजेपी ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. पार्टी अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी.
अमित शाह ने इस साल मार्च में मोगा में बदलाव रैली के जरिए पंजाब में बीजेपी के चुनावी अभियान की शुरूआत कर दिया है. अब इस ड्रग्स के खिलाफ यात्रा से पार्टी को पंजाब के पिंड पिंड तक पहुंचने की उम्मीद है क्योकि पंजाब का लगभग गर इलाका इससे प्रभावित है. साथ ही बीजेपी का आकलन है कि अब पंजाब के जमीनी हालात बदले हैं. जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी सरकार अपने वादे पूरे नहीं कर पाई तो वहीं कांग्रेस भी अंदरूनी गुटबाजी से जुझ रही है. अकाली दल भी सरदार प्रकाश सिंह बादल के निधन के बाद आंतरिक मतभेदों में उलझी है. लिहाजा बीजेपी को इस बार पंजाब सियासी तौर पर उपजाऊ जमीन नजर आ रहा है.
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