
संभाजीनगर । अभिजीत के पिता भगवान दीपके (Abhijit’s father Bhagwan Dipke) ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए (For protection of Democracy) आवाज उठाने पर अभिजीत की गिरफ्तारी अनुचित (Arrest of Abhijit for raising his voice is Unfair) ।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने पर उनके पिता भगवान दीपके ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को भारत के इतिहास की पहली ऐसी घटना बताया, जिसमें लोकतंत्र बचाने की कोशिश कर रहे एक छात्र को विमान के अंदर से गिरफ्तार किया गया। भगवान दीपके ने कहा कि इससे पहले बड़े-बड़े अपराधियों और विदेशों में भारत का पैसा लेकर जाने वाले उद्योगपतियों को गिरफ्तार करने के ऐसे मामले उन्होंने नहीं देखे, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले एक सामान्य छात्र को हिरासत में लिया गया है।
देश में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब भारत में लोकतंत्र बचा है। उनका आरोप है कि जो लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं, उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘वन नेशन, वन पार्टी’ की दिशा में आगे बढ़ना और दूसरी राजनीतिक पार्टियों को खत्म करना है। अभिजीत की गिरफ्तारी की आशंका के बारे में पूछे जाने पर उनके पिता ने बताया कि अभिजीत घर से निकलते समय उन्हें बता गया था कि उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। इंदिरा गांधी के दौर और मौजूदा हालात की तुलना पर उन्होंने कहा कि आपातकाल के बारे में उन्हें ज्यादा विस्तृत जानकारी नहीं है। मौजूदा हालात में आगे क्या कदम उठाना है, यह वह अभिजीत के साथ हुए व्यवहार को देखने के बाद तय करेंगे।
ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल पूछे जाने पर भगवान दीपके ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले से ही एक खास कार्रवाई के लिए लाया गया था। उन्होंने संसद में सांसदों के निलंबन और राष्ट्रपति के अधिकारों से जुड़े कानून का जिक्र करते हुए दावा किया कि यह सब पहले से तय योजना का हिस्सा था, वहीं अभिजीत को हिरासत में लिए जाने पर उनकी मां अनीता दीपके ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभिजीत के साथ अच्छा नहीं किया। देश के लिए काम करने वाले बच्चों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि अपराध करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती।
अभिजीत दीपके की मां ने कहा कि उन्हें पहले से ही डर था कि उनके बेटे को गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जब अभिजीत घर से जा रहे थे, तब भी उन्होंने उसे आगाह किया था कि उसे गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन अभिजीत ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। मां ने भावुक होते हुए कहा कि बेटे को जाते समय उन्होंने रोते हुए विदा किया था, लेकिन अभिजीत ने उन्हें समझाया था कि रोओ मत, जो होगा अच्छे के लिए होगा। सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात उन्हें अच्छे नहीं लग रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार ने उनके बेटे के साथ गलत किया है और इस कार्रवाई से उन्हें बहुत दुख पहुंचा है।
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