
कुछ ने रिश्तेदारों के लिए मंगवाए थे, बचे हुए बेचते पकड़े गए
इंदौर। बांग्लादेशी रेमडेसिविर (Bangladesh Remedisvir) के साथ पकड़े गए तीनों आरोपियों से पुलिस को कुछ जानकारी मिली है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सांवेर क्षेत्र से बंगाल चुनाव में गए कुछ लोग ये बांग्लादेशी रेमडेसिविर इंजेक्शन (Bangladesh Remedisvir Injection) अपने रिश्तेदारों के लिए लेकर आए थे और बचे हुए इंजेक्शन (Injection) बेचने के चक्कर में पकड़े गए।
कल क्राइम ब्रांच और सांवेर पुलिस ने बांग्लादेशी रेमडेसिविर (Bangladesh Remedisvir) के एक इंजेक्शन के साथ टीपू पिता अनवर, जफर खान और शाहरुख को पकड़ा था। शाहरुख (Shah Rukh) पहले भी इंदौर में रेमडेसिविर बेच चुका है, जबकि टीपू ड्यूटी डॉक्टर और जफर मेडिकल कंपनी का कर्मचारी है। सांवेर टीआई अनिलसिंह चौहान का कहना है कि आरोपियों से पता चला है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों के लिए यह इंजेक्शन मंगवाए थे। उनमें कुछ की मौत हो गई और इंजेक्शन (Injection) बच गए तो उन्हें बेचने के चक्कर में थे। टीआई का कहना है कि सांवेर क्षेत्र में काफी लोग बंगाल चुनाव में अलग-अलग कारणों से जाने की जानकारी मिली है। वहां लॉकडाउन भी नहीं था और रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remedisvir Injection) की मारामारी भी नहीं थी। ऐसा लगता है कि इसके चलते उनके रिश्तेदारों के लिए ये बंगाल से इंजेक्शन लेकर आए। कुछ और लोगों के बारे में भी पता चला है कि वे भी बंगाल से इंजेक्शन (Injection) लेकर आए हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। बंगाल में बांग्लादेशी काफी संख्या में हैं। आशंका है कि उन लोगों ने यह इंजेक्शन इनको उपलब्ध करवाए।
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