
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय के वोटर लिस्ट से नाम हटने से हड़कंप मच गया है. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत लाखों नाम हटाए गए हैं, जिससे नागरिकता और पहचान को लेकर गहरी चिंताएं बढ़ गई हैं. मतुआ समुदाय के वोटरों के चुनावों से पहले नाम कटने से बीजेपी और टीएमसी दोनों के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि मतुआ वोट बैंक राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
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