
नई दिल्ली। बेंगलुरु के थियो कैफे का(A bill from Theo Cafe in Bengaluru) एक बिल सोशल मीडिया पर(Bengaluru has gone viral on social media) वायरल हो गया है, जिसमें दो मिंट लेमनेड (mint lemonades)पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज(Gas Crisis Charge) लगाया गया। ग्राहक ने दो मिंट लेमनेड ऑर्डर किए, जिनकी कीमत 179 रुपये प्रत्येक थी। कुल सबटोटल 358 रुपये, जिसमें 5% डिस्काउंट (17.90 रुपये) लागू किया गया। इसके बाद स्टैंडर्ड GST (CGST 2.5% + SGST 2.5%) जोड़ा गया। लेकिन सबसे चौंकाने वाली(most surprising element) बात यह थी कि अतिरिक्त 5% गैस क्राइसिस(additional 5% “Gas Crisis Charge) चार्ज (17.01 रुपये) भी लगाया गया, जिससे अंतिम बिल 374 रुपये तक पहुँच गया।
लोगों का रिएक्शन और सोशल मीडिया का बवाल
सोशल मीडिया पर इस बिल को लेकर जमकर मज़ाक उड़ाया गया। कई यूजर्स ने टिप्पणी की कि “लेमनेड बनाने में कौन सी गैस लगी?” और “शायद लेमनेड को फिज़्जी बनाया गया होगा।” कुछ लोगों ने इसे कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत अनुचित व्यापारिक प्रथा बताते हुए कहा कि ऐसे चार्ज पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
पृष्ठभूमि: LPG संकट और रेस्टोरेंट्स की मुश्किलें
देश के कुछ हिस्सों में LPG की कमी के कारण कई रेस्टोरेंट्स और कैफे अपनी लागत बढ़ाने पर मजबूर हैं। बेंगलुरु में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हुई, जिसके चलते कई होटल और कैफे ग्राहकों से अलग से गैस चार्ज वसूल रहे हैं। हालांकि लेमनेड जैसी ड्रिंक आमतौर पर गैस पर नहीं बनाई जाती, लेकिन बढ़ती लागत के कारण कुछ कैफे ने इसे लागू किया।
मिश्रित प्रतिक्रियाएँ
कुछ यूजर्स ने कहा कि यदि यह चार्ज वैकल्पिक होता तो ठीक था, लेकिन अनिवार्य रूप से लगाना गलत और अनुचित है। वहीं, कुछ ने कैफे का समर्थन किया और कहा कि गैस की कमी में यह समझदारी भरा कदम हो सकता है।बेंगलुरु के थियो कैफे ने लेमनेड पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज लगाया।बिल पर कुल राशि 374 रुपये पहुंची, जिसमें डिस्काउंट और GST शामिल हैं।सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे मज़ाक और अनुचित व्यापारिक प्रथा बताया।बढ़ती LPG की कमी और लागत रेस्टोरेंट्स को नए चार्ज लगाने पर मजबूर कर रही है।घटना ने कंज्यूमर राइट्स, बिलिंग पारदर्शिता और महंगाई पर बहस छेड़ दी।
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