
डेस्क। क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टर्स (Cryptocurrency Investors) के लिए खुशखबरी है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन (Bitcoin) ने रविवार को नया रिकॉर्ड (Record) स्थापित करते हुए 1.25 लाख डॉलर (Million Dollars) के लेवल को पार कर लिया। यह पिछले रिकॉर्ड $1,24,480 को तोड़ते हुए हासिल किया गया, जो अगस्त में बना था। इस उछाल से इन्वेस्टर्स में उत्साह का माहौल है और कई लोगों ने इस अवसर पर लाभ कमाने के लिए ट्रेडिंग तेज कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिटकॉइन की कीमत तेज़ी से बढ़ रही है क्योंकि इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं और अमेरिका में नियमों में कुछ आसान बदलाव किए गए हैं। शुक्रवार को बिटकॉइन लगातार आठवें सत्र में बढ़त पर रहा, जिसे अमेरिकी शेयर बाजार में हालिया प्रॉफिट और बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में बढ़ते फ्लो ने भी बल दिया।
इस उछाल के पीछे डॉलर की कमजोरी भी एक बड़ा कारण है। शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कमजोर हुआ। अमेरिकी सरकार के शटडाउन और महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों (जैसे पेरोल) के देर से जारी होने के कारण इन्वेस्टर्स की धारणा प्रभावित हुई। अमेरिकी सीनेट ने फंडिंग एक्सटेंशन को पास करने में असफलता दर्ज की, जिसके कारण शटडाउन लागू हुआ। डॉलर में आई कमजोरी ने बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में आकर्षण बढ़ाया।
क्रिप्टो इन्वेस्टर्स के बीच यह उछाल उत्साह का कारण बन गया है। कई इन्वेस्टर्स ने सोशल मीडिया पर अपने प्रॉफिट का जश्न मनाया और कहा कि बिटकॉइन ने उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा रिटर्न दिया है। वहीं, इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट सलाह दे रहे हैं कि वर्तमान रैली का फायदा उठाने के लिए इन्वेस्टर्स को बाजार की स्थितियों को लगातार ट्रैक करना चाहिए और लंबी टर्म खतरे को ध्यान में रखना चाहिए।
साल 2025 के लिए यह बिटकॉइन के लिए ऐतिहासिक उछाल माना जा रहा है। 1.25 लाख डॉलर का लेवल पार करते ही इन्वेस्टर बल्ले-बल्ले हो गए हैं, लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्क रहना भी आवश्यक है। बिटकॉइन अब ग्लोबल इन्वेस्टर्स की नजरों में सबसे आकर्षक डिजिटल एसेट बन चुका है।
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