
नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में भाजपा (BJP) पश्चिम बंगाल (West Bengal) और केरल (Kerala) में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी चेहरे की घोषणा किए बिना चुनाव लड़ेगी। पश्चिम बंगाल में पार्टी सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि केरल में एनडीए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर सभी 140 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
पश्चिम बंगाल में भाजपा मौजूदा सांसदों के साथ-साथ पूर्व सांसदों को भी विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। केंद्रीय नेतृत्व ने गुरुवार शाम को दोनों राज्यों के लिए उम्मीदवारों की सूची और चुनावी रणनीति पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस बार पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी, लेकिन मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा घोषित नहीं करेगी।
सीएम कैंडिडेट कौन?
केरल में भाजपा एनडीए के सहयोगी दलों ट्वेंटी 20 और भारतीय जन धर्म सेना के साथ चुनाव लड़ेगी। पार्टी खुद लगभग 90 से 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, जबकि बाकी 40 सीटें सहयोगियों के बीच आधी-आधी बांटी जाएंगी। पिछली बार भाजपा ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि भारतीय जन धर्म सेना ने 21 सीटों पर।
इस बार भी भाजपा बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ेगी। पिछली बार मेट्रो मैन ई. श्रीधरन को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया था, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ। चुनाव प्रचार में इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ केंद्र सरकार की उपलब्धियों को प्रमुख रूप से दिखाया जाएगा।
राज्य स्तर पर केरल भाजपा प्रमुख राजीव चंद्रखेशर, ट्वेंटी 20 प्रमुख साबू एम. जैकब और भारतीय जन धर्म सेना प्रमुख टी. वेल्लापेल्ली के चेहरे चुनावी पोस्टरों पर प्रमुख रूप से रहेंगे। केरल में भाजपा स्थानीय निकायों के चुनावों में उत्साहित दिख रही है, खासकर तिरुवनंतपुरम में पहली बार पार्टी का मेयर चुना गया है।
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