
जबलपुर। शहर में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के विरुद्ध लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा का भव्य आयोजन किया। गोलबाजार से आरंभ होकर मालवीय चौक, लार्डगंज, फुहारा, अंधेरदेव, तुलाराम चौक और करमचंद चौक से गुजरते हुए करीब 3 किलोमीटर तक चली इस पदयात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, प्रदेश लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से किया। पूरे यात्रा मार्ग पर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने स्वागत मंचों तथा घरों की छतों से पुष्पवर्षा करके नेताओं का जोरदार अभिवादन किया। लगभग 1 घंटे के इस पैदल मार्च के दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। समापन स्थल पर वरिष्ठ नेताओं ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विपक्षी दल की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए जनजागरण का व्यापक आह्वान किया।
गरीब का बेटा सत्ता संभाले यह कांग्रेस को नापसंद
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नगरवासियों के भारी समर्थन ने विपक्षी दल के आधार को पूरी तरह झकझोर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साधारण परिवार के व्यक्ति का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना प्रमुख विपक्षी दल को कतई रास नहीं आ रहा। विपक्षी खेमा सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर सिर्फ एक विशिष्ट परिवार के सदस्यों को ही आसीन देखना चाहता है। जबलपुर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से इनके छल-कपट की राजनीति को भली-भांति पहचानता है। वर्ष 2029 के आगामी लोकसभा चुनाव में इस दल का संपूर्ण राजनीतिक सफाया निश्चित है।
आजादी के दौर से ही आंतरिक चुनावी प्रक्रिया विवादित
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए स्पष्ट किया कि जब नेताजी सुभाषचंद्र बोस दल के शीर्ष पद पर निर्वाचित हुए थे, तब भी संगठन के अंदर चुनावी निष्पक्षता को लेकर गंभीर विवाद खड़े किए गए थे। अपने शासनकाल में चुनाव आयुक्तों के साथ अनुचित व्यवहार करने वाले आज संविधान रक्षा का ढोंग रच रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर बार-बार सवाल खड़े करके राजनीतिक लाभ बटोरना इनकी पुरानी कार्यशैली का हिस्सा रहा है। यह पदयात्रा आम नागरिकों को ऐसे दोहरे रवैये के प्रति पूरी तरह सचेत करने का एक सशक्त माध्यम बनी है।
फर्जी मतदाताओं के संरक्षण का प्रयास अब नहीं चलेगा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मतदाता सूची में सुधार के विरोध पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि सीमा पार के अवांछित लोगों और मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने की जिद क्यों की जा रही है। नाम दो-तीन अलग-अलग बूथों पर दर्ज रहने की व्यवस्था को सुधारने से बचना अनुचित है। करारी पराजय से हताश होकर विपक्षी दल अब सीधे लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर प्रहार करने लगा है, जिसे जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
सड़क पर मार्च निकालने से कभी सत्ता नहीं बदलती
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्षी नेताओं पर संवैधानिक संस्थाओं को योजनाबद्ध तरीके से बदनाम करने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की साख बिगाडऩे का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की तीव्र विकास दर से निरंतर आगे बढ़ रही है। 6 अक्टूबर 2026 को आयोग के अधिकारियों से मिलने के प्रयास के दौरान निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी करके आकाशवाणी भवन के पास अशांति फैलाई गई। 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन कूच तथा 12 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष याचिका दायर करने के बजाय सर्वोच्च न्यायालय घेराव की चेतावनी दी गई।
गोल बाजार से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा
पदयात्रा शहीद स्मारक गोल बाजार से प्रारंभ होकर श्याम टॉकीज, सुपर मार्केट, लॉर्डगंज चौक, धमंडी चौक, बड़ा फुहारा, खजांची चौक, अंधेरदेव, तुलाराम चौक, करमचंद चौक, बगलामुखी मंदिर और मालवीय चौक होते हुए पुन: गोल बाजार पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इसमें उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल, संपतिया उइके, सांसद आशीष दुबे, सुमित्रा वाल्मीकि, फग्गन सिंह कुलस्ते, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी, अभिलाष पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए।
55 मंचों से हुआ स्वागत, संतों का मिला सानिध्य
पदयात्रा में सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों की व्यापक भागीदारी रही। ढाई किलोमीटर के मार्ग पर 55 स्वागत मंच बनाए गए थे। इनसे पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और अभिनंदन के जरिए यात्रा का स्वागत किया गया। महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद, जगद्गुरु राघवदेवाचार्य, जगद्गुरु बालगोविंदाचार्य सहित अनेक संत-महात्मा रथों में सवार होकर यात्रा में शामिल हुए। सुप्रभातम परिवार, दिगंबर जैन पंचायत सभा, सिख संगत, पंजाबी महासंघ, कुर्मी क्षत्रिय समाज, साहू समाज, चौरसिया समाज, वैश्य महासम्मेलन, कायस्थ महासभा, तमिल संघम, सिंधी समाज, यादव समाज, विश्वकर्मा महासभा, गुजराती मंडल, क्षत्रिय महासभा सहित अनेक सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया। महाकौशल चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, होटल व्यवसायी एसोसिएशन, हॉस्पिटल ओनर्स एसोसिएशन, बिल्डर्स एसोसिएशन और खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
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