
उज्जैन। नानाखेड़ा से रुईगढ़ा तक के बडऩगर-नागदा बायपास पर टोल संचालक द्वारा मनमानी और दादागिरी की जा रही है। स्थानीय वाहन चालकों से जबरन टोल वसूली हो रही है। आपत्ति लेने पर वाहन चालकों को डराया-धमकाया जा रहा है।
शहर में उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन के निर्माण के चलते कई शहर वासी बडऩगर रोड रामघाट कर आसपास के क्षेत्र में जाने के लिए नागदा बडऩगर रोड बायपास का उपयोग करते हैं। नानाखेड़ा से रुई गड़ा तक जाने वाले इस बायपास से वाहन चालकों को बगैर किसी बाधा के कार्तिक मेला क्षेत्र, दत्त अखाड़ा, भूखी माता और बडऩगर रोड के क्षेत्र में पहुँचने में आसानी होती है। जाम से बचने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय वाहन चालक इस बायपास का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन टोल संचालक द्वारा दादागिरी और मनमानी करते हुए स्थानीय वाहन चालकों से टोल की वसूली की जा रही है। हालांकि टोल की दर प्रति वहाँ प्रति यात्रा 10 रु. है पर नियम अनुसार स्थानीय वाहन चालकों से एक निश्चित दूर की यात्रा का टोल नहीं लिया जा सकता है। सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के अनुसार, टोल नाके के एक तय किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के निजी वाहनों (कार, जीप, वैन) को टोल टैक्स से छूट प्राप्त है। इसके बावजूद नागदा बडऩगर बाईपास के टोल ऑपरेटर द्वारा वाहनों से टोल वसूला जा रहा है। कोई टोल ऑपरेटर स्थानीय वाहन चालकों से जबरन टोल वसूलता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाता है। संबंधित टोल प्लाजा पर मौजूद प्रोजेक्ट मैनेजर या शिकायत पुस्तिक में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। टोल प्लाज पर नियमावली और शिकायत पुस्तिका तक नहीं है।
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