
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हंतावायरस संक्रमण (Hantavirus Infection) को लेकर नई जानकारी जारी करते हुए बताया है कि 12 मई तक कुल 11 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 9 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2 संदिग्ध श्रेणी में हैं। संक्रमण से अब तक 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि सभी संक्रमित एक क्रूज शिप ‘MV Hondius’ से जुड़े हुए हैं। यह जहाज 1 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था और अंटार्कटिका व दक्षिण अटलांटिक के दूरदराज इलाकों की यात्रा पर था। बाद में जहाज केप वर्डे और फिर स्पेन के टेनेरिफ़ पहुंचा, जहां यात्रियों को उतारा गया।
WHO ने क्या कहा?
WHO ने कहा है कि जहाज से जुड़े सभी प्रभावित लोगों और उनके संपर्क में आए लोगों को 42 दिनों तक निगरानी और क्वारंटाइन में रखने की सलाह दी गई है। इसका कारण वायरस का लंबा इन्क्यूबेशन पीरियड है। हालांकि संगठन ने फिलहाल किसी बड़े वैश्विक प्रकोप के संकेत नहीं बताए हैं और आम जनता के लिए जोखिम को “कम” माना है।
क्या है हंतावायरस?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हंतावायरस आमतौर पर चूहों और अन्य कुतरने वाले जीवों के संपर्क से फैलता है। संक्रमित जानवरों की लार, मल या मूत्र के जरिए इंसानों में संक्रमण पहुंच सकता है। हालांकि एंडीज स्ट्रेन नामक एक विशेष प्रकार सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, खासकर लंबे और करीबी संपर्क में।
क्यों बढ़ी चिंता?
विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस की मृत्यु दर 20 से 40 प्रतिशत तक हो सकती है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती है। यही वजह है कि WHO और कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। फिलहाल संक्रमित यात्रियों और क्रू सदस्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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