
नई दिल्ली। आज 12 मई को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल (Second Bada Mangal) मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ महीने (Jyeshtha month) के मंगलवार (Tuesday) का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि इसी माह में भगवान राम (Lord Ram) और हनुमान जी (Lord Hanuman) की पहली भेंट हुई थी। इस दिन व्रत रखने, पूजा-अर्चना करने, भंडारा कराने और दान-पुण्य करने से बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस बार बड़ा मंगल रोग पंचक के दौरान पड़ रहा है, जिसके चलते श्रद्धालुओं के मन में पूजा और शुभ कार्यों को लेकर कई सवाल हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक पंचक के बावजूद हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना गया है।
दूसरे बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त
आज हनुमान जी की पूजा के लिए सुबह 8 बजकर 55 मिनट से दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक शुभ समय रहेगा। वहीं शाम के समय पूजा का मुहूर्त 7 बजकर 3 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट तक बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने और विशेष पूजा करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।
पंचक में भी कर सकते हैं हनुमान पूजा
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार पंचक में सामान्य शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन हनुमान जी की पूजा पर इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं माना जाता। कहा जाता है कि पंचमुखी हनुमान की आराधना करने से भय, तनाव और शत्रु बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन भंडारा और सेवा कार्य करना भी शुभ माना गया है। हालांकि नए मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी गई है।
ऐसे करें बजरंगबली की पूजा
बड़ा मंगल पर हनुमान जी को सिंदूर, लाल चंदन और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना गया है। चमेली के तेल का दीपक जलाने से भी विशेष लाभ मिलता है। भक्त इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हनुमान बीसा का पाठ कर सकते हैं।
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप भी लाभकारी माना गया है-
“ऊं नमो भगवते पंचवदनाय, पूर्वकपि मुखाय, सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा।”
हालांकि पंचक के दौरान हवन और यज्ञ जैसे कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
– पूजा के दौरान काले और नीले रंग के वस्त्र पहनने से बचें। लाल, पीले और सफेद रंग के कपड़े शुभ माने गए हैं।
– व्रत रखने वाले लोगों को क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
– पूरे दिन सात्विक भोजन करें और मांसाहार व शराब का सेवन न करें।
– ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना भी शुभ माना गया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved