
नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आजमगढ़ (Azamgarh) में मंगलवार शाम शुरू हुआ हत्या (Murder) और बंधक बनाने का मामला करीब आठ घंटे बाद पुलिस कार्रवाई के साथ खत्म हुआ। अहरौला थाना (Ahraula)क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह(Aravind singh) ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या(Murder ) कर दी। इसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया।
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय घर में पूजा का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान अरविंद सिंह घर पहुंचा और वहां मौजूद पुजारियों से जानकारी लेने लगा। बताया गया कि उसने उनसे आधार कार्ड मांगा, जिसके बाद पत्नी के साथ उसका विवाद हुआ। मामला बढ़ने पर उसने लाइसेंसी हथियार से फायरिंग कर दी।
गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता और दो पुजारियों की मौत हो गई। मृत पुजारियों की पहचान महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के रूप में बताई गई है। तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर कमरे के अंदर चला गया और खुद को बंद कर लिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। पुलिस ने आरोपी से लगातार बातचीत कर उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को बाहर भेजने के लिए समझाने की कोशिश की।
करीब सात घंटे तक पुलिस आरोपी से बातचीत करती रही। वह बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस दौरान घर के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।
बाद में घर के अंदर से अचानक गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने करीब 10 वर्षीय बेटे को गोली मार दी। इसके बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम ने घर में प्रवेश करने का फैसला किया।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद दरवाजा तोड़कर टीम घर के अंदर दाखिल हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने टीम पर भी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह घायल हो गया।
घायल आरोपी और बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान आरोपी की मौत हो गई। गोली लगने से घायल बच्चे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं पुलिस ने घर के अंदर मौजूद अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान आरोपी के पास लाइसेंसी रिवॉल्वर थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसने पुलिस टीम के अंदर पहुंचने पर कई राउंड फायर किए। जवाबी फायरिंग में वह घायल हुआ।
इस घटनाक्रम की शुरुआत परिवार में चल रही पूजा को लेकर हुए विवाद से हुई थी। बताया गया कि परिवार में करीब दो साल पहले हुई एक हत्या के बाद आत्मा की शांति के लिए पूजा रखी गई थी। इसी पूजा को लेकर अरविंद की असहमति बताई गई थी।
घटना के बाद मौके पर पुलिस, एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पूरे मामले में हत्या, फायरिंग और बंधक बनाए जाने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
करीब आठ घंटे तक चले इस घटनाक्रम में पत्नी, दो पुजारियों और बेटे की जान चली गई, जबकि अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। मामले की आगे की जांच जारी है।
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