img-fluid

Citadel Season 2 Review: प्रियंका की सीरीज में स्टाइल और ग्लैमर भरपूर, लेकिन कहानी में वो धार नहीं जो दिल जीत ले

May 07, 2026

 

नई दिल्ली। सिटाडेल’ (‘Citadel’)का दूसरा सीज़न(The second season) OTT प्लेटफॉर्म्स पर लौट(again presenting) आया है, जो एक बार फिर भारी-भरकम बजट(massive budget,), इंटरनेशनल स्तर(international scale) और स्टाइलिश एक्शन(stylish action) के साथ दर्शकों के सामने पेश हुआ है। प्रियंका चोपड़ा(Priyanka Chopra) और रिचर्ड मैडेन (Richard Madden)अभिनीत यह सीरीज़ देखने में तो बेहद शानदार है, लेकिन कहानी कहने और भावनात्मक जुड़ाव(emotional resonance) के मामले में यह कमज़ोर साबित होती है।

वहीं से आगे बढ़ती है कहानी, जहां खत्म हुआ था पहला सीजन
सीजन 2 की शुरुआत वहीं से होती है जहां पहला सीजन खत्म हुआ था। इस बार कहानी में बड़ा ट्विस्ट सामने आता है सिटाडेल का असली गद्दार मेसन केन (काइल) निकला, जिसने अपनी मां दाहिला के लिए एजेंसी की सीक्रेट जानकारी लीक की थी।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नादिया सिन को इस धोखे की सच्चाई पता चलेगी, तो वह क्या कदम उठाएगी?

स्पाई ड्रामा में ट्विस्ट तो हैं, लेकिन पकड़ कमजोर
कहानी में लगातार फ्लैशबैक, टाइमलाइन शिफ्ट और कई ट्विस्ट डाले गए हैं, लेकिन यही चीजें कई बार दर्शकों को कन्फ्यूज भी करती हैं। नादिया अपनी बेटी आशा के साथ शांत जिंदगी जीने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्पाई दुनिया उसे फिर से खींच लाती है।दूसरी तरफ बर्नार्ड ऑर्लिक, मैन्टिकोर और पाउलो ब्रागा जैसे किरदारों के बीच कहानी चलती रहती है, लेकिन इमोशनल कनेक्शन की कमी साफ नजर आती है।

एक्शन और विजुअल्स शानदार, पर असर अधूरा
सीरीज का सबसे मजबूत पहलू इसका ग्रैंड स्केल और स्टाइलिश प्रेजेंटेशन है। लोकेशंस, कैमरा वर्क और एक्शन सीन्स देखने में बेहद आकर्षक हैं, लेकिन कई जगह ये रिपीटेड और प्रेडिक्टेबल लगते हैं।जहां एक्शन में धमाका होना चाहिए था, वहां कहानी अक्सर ठंडी पड़ जाती है।

प्रियंका चोपड़ा बनी शो की जान
इस सीजन में सबसे मजबूत परफॉर्मेंस एक बार फिर प्रियंका चोपड़ा की है। नादिया सिन के किरदार में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस सीरीज को संभाले रखती है। कमजोर स्क्रिप्ट के बावजूद वह अपने अभिनय से कई सीन को असरदार बना देती हैं।रिचर्ड मैडन का किरदार दिलचस्प होने के बावजूद पूरी तरह उभर नहीं पाता।

इमोशन और थ्रिल का बैलेंस नहीं बैठा
सीरीज सबसे ज्यादा इसी जगह कमजोर पड़ती है। यह न तो पूरी तरह इंटेंस स्पाई थ्रिलर बन पाती है और न ही इमोशनल फैमिली ड्रामा के रूप में गहराई पकड़ती है। दोनों के बीच संतुलन बिगड़ने से कहानी कई जगह धीमी और खिंची हुई लगती है।

ओटीटी के मुकाबले में फीकी पड़ती कहानी
आज के समय में जब दर्शक पहले ही कई दमदार स्पाई और एक्शन ड्रामा देख चुके हैं, Citadel Season 2 अपनी पॉलिश्ड लेकिन हल्की कहानी के कारण उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाती।


  • फाइनल वर्डिक्ट
    सिटाडेल सीज़न 2 एक स्टाइलिश, हाई-बजट और विजुअली शानदार सीरीज है, लेकिन मजबूत कहानी और गहरे इमोशनल कनेक्शन की कमी इसे एक औसत स्पाई ड्रामा से आगे नहीं जाने देती।अगर आप सिर्फ ग्लोबल लेवल का एक्शन और ग्लैमर देखना चाहते हैं, तो इसे एक बार देखा जा सकता है। लेकिन अगर आप मजबूत कहानी और तेज थ्रिल की उम्मीद रखते हैं, तो यह सीरीज आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं करेगी।

    Share:

  • BJP Strengthened by the Rise of a New Generation of Firebrand Leaders; Suvendu, Himanta, and Yogi Prove Their Mettle

    Thu May 7 , 2026
    New Delhi: Over the past five years, the emergence of strong regional leaders has effectively resolved the issue of a potential future leadership crisis for the BJP. The party already boasts strong regional stalwarts in the North—Yogi Adityanath—and in the West—Devendra Fadnavis. Furthermore, recent assembly elections have now delivered new, firebrand Hindutva leaders in the […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved